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देहरादून, 05 मार्च 2025
दुर्गम पहाड़ी इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं की सीमित उपलब्धता, शिक्षा संस्थानों में संसाधनों की कमी और छात्रावासों में बुनियादी सुविधाओं के अभाव के कारण स्थानीय लोगों को अनेक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। स्वास्थ्य सेवाओं में कमी से मरीजों को उचित इलाज के लिए दूरस्थ अस्पतालों का रुख करना पड़ता है, जबकि छात्रावास और महाविद्यालयों में बुनियादी सुविधाओं की कमी छात्रों की पढ़ाई और विकास पर असर डालती है।
डीएम के निर्देश पर विभिन्न विकास कार्यों के लिए 77.30 लाख की मंजूरी
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री के त्यूनी दौरे के बाद जिलाधिकारी सविन बंसल ने क्षेत्र की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए एक सप्ताह के भीतर 77.30 लाख रुपये की धनराशि स्वीकृत की है। यह राशि स्वास्थ्य केंद्र, बालिका छात्रावास और महाविद्यालय की सुविधाओं के विस्तार के लिए जारी की गई है।

स्वास्थ्य केंद्र को 54.45 लाख रुपये, नई मशीनें और स्टाफ की नियुक्ति
रिपोर्ट के अनुसार, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र त्यूनी को बेहतर चिकित्सा सुविधाओं के लिए 54.45 लाख रुपये जारी किए गए हैं। इस राशि का उपयोग नई एक्स-रे मशीन, अल्ट्रासाउंड मशीन, रूम हीटर, इलेक्ट्रिक केतली, तकिए, थ्री-सीटर कुर्सियां और अन्य आवश्यक उपकरणों की खरीद के लिए किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, अस्पताल में आउटसोर्सिंग के माध्यम से एक वार्ड आया और स्वच्छता कर्मी की नियुक्ति की जाएगी, जिससे मरीजों को अधिक सुविधा मिलेगी।

बालिका छात्रावास को 17.95 लाख, इंटरनेट और डिजिटल सुविधाएं मिलेंगी
कस्तूरबा गांधी बालिका छात्रावास में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार के लिए 17.95 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इस धनराशि से छात्राओं के लिए स्टडी टेबल, फर्नीचर, रोटी मेकर, इंटरनेट, डिजिटल बोर्ड और वाटर आरओ जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी, जिससे उन्हें पढ़ाई में सहूलियत मिलेगी।
महाविद्यालय को 4.90 लाख, लाइब्रेरी और इंटरनेट सुविधाओं का विस्तार
पंडित शिवराम राजकीय महाविद्यालय त्यूनी को लाइब्रेरी, रीडिंग रूम, कंप्यूटर, इंटरनेट और फर्नीचर जैसी सुविधाओं के लिए 4.90 लाख रुपये की धनराशि दी गई है। यह छात्रों को बेहतर अध्ययन माहौल देने में मदद करेगा।

रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती, हर महीने दो दिन उपलब्ध रहेंगे विशेषज्ञ
जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को निर्देश दिया है कि अगले निरीक्षण से पहले सभी नई व्यवस्थाएं धरातल पर दिखाई दें। रिपोर्ट के अनुसार, अब सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में रेडियोलॉजिस्ट पहले की तरह केवल महीने में एक दिन नहीं बल्कि हर महीने दो दिन उपलब्ध रहेंगे। इसके लिए मसूरी अस्पताल से रेडियोलॉजिस्ट की ड्यूटी लगाई गई है, जिससे स्थानीय मरीजों को बेहतर जांच सुविधाएं मिल सकेंगी।



