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देहरादून में सड़क सुरक्षा के लिए एसएसपी के प्रयासों का असर, दुर्घटनाओं में 30% की कमी
सड़क दुर्घटनाएं न केवल लोगों की जान के लिए खतरा बनती हैं, बल्कि परिवारों को अपूरणीय क्षति भी पहुंचाती हैं। यातायात नियमों के उल्लंघन, शराब पीकर गाड़ी चलाने और तेज रफ्तार से वाहन दौड़ाने जैसी लापरवाहियों के कारण दुर्घटनाएं बढ़ती हैं। इनसे बचाव के लिए प्रशासन द्वारा लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। देहरादून में सड़क सुरक्षा को लेकर पुलिस द्वारा चलाए गए सख्त अभियान के परिणाम अब दिखने लगे हैं।
यातायात नियमों के उल्लंघन पर सख्ती का असर
प्राप्त जानकारी के अनुसार, वर्ष 2024 के शुरुआती दो महीनों की तुलना में वर्ष 2025 के पहले दो महीनों में सड़क दुर्घटनाओं में 30% की कमी दर्ज की गई है। सड़क सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को सख्त करने के लिए पुलिस ने बड़े पैमाने पर चालान और वाहन जब्ती की कार्रवाई की है।
वर्ष 2024 में जनवरी और फरवरी माह के दौरान पुलिस ने 811 वाहन चालकों के खिलाफ डेंजरस ड्राइविंग, रैश ड्राइविंग, स्टंट ड्राइविंग, ओवरस्पीडिंग और गलत दिशा में वाहन चलाने के मामलों में कार्रवाई करते हुए 272 वाहनों को सीज किया था। जबकि वर्ष 2025 के शुरुआती दो महीनों में यह आंकड़ा बढ़कर 2430 हो गया, जिसमें 1014 वाहन जब्त किए गए।
ड्रंक एंड ड्राइव पर पुलिस की सख्ती
शराब पीकर वाहन चलाने के मामलों में भी पुलिस ने कड़ी कार्रवाई की है। वर्ष 2024 में जहां इस अपराध में 182 वाहन चालकों को गिरफ्तार कर उनके वाहन जब्त किए गए थे, वहीं वर्ष 2025 में यह संख्या चार गुना बढ़कर 852 हो गई है। पुलिस द्वारा लगातार की जा रही कार्रवाई का असर यह हुआ है कि दुर्घटनाओं में भी गिरावट आई है।
खुले में शराब पीने वालों पर कार्रवाई
सड़क किनारे या सार्वजनिक स्थानों पर बैठकर शराब पीने की प्रवृत्ति भी सड़क दुर्घटनाओं का बड़ा कारण बनती रही है। इसे नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने बीते छह महीनों में 6127 लोगों को सार्वजनिक स्थानों पर शराब पीते हुए पकड़ा और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की। इनमें से अधिकांश लोग अपने वाहनों में बैठकर शराब पीते पाए गए थे।
दुर्घटनाओं में आई गिरावट
प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2024 के शुरुआती दो महीनों में देहरादून में 91 सड़क दुर्घटनाएं हुई थीं, जबकि वर्ष 2025 के समान अवधि में यह संख्या घटकर 65 रह गई। सड़क सुरक्षा के लिए उठाए गए कदमों का सीधा असर दुर्घटनाओं की संख्या में आई इस गिरावट से स्पष्ट होता है।
यातायात पुलिस द्वारा किए गए यह सख्त प्रयास यह दर्शाते हैं कि यदि नियमों का सही तरीके से पालन कराया जाए और लापरवाही बरतने वालों पर सख्ती की जाए, तो सड़क दुर्घटनाओं को काफी हद तक कम किया जा सकता है।



