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बिना सत्यापन मजदूरों को रखने पर पिथौरागढ़ पुलिस की सख्ती, दो ठेकेदारों पर 10-10 हजार का जुर्माना
अवैध प्रवास और अपराधों पर नियंत्रण के लिए सत्यापन अभियान महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। बिना सत्यापन के मजदूरों को रखने से सुरक्षा संबंधी गंभीर जोखिम उत्पन्न होते हैं, जिससे आपराधिक गतिविधियों को बढ़ावा मिल सकता है। प्रशासन द्वारा किरायेदार और मजदूर सत्यापन को अनिवार्य किया गया है, लेकिन इसके बावजूद कई मकान मालिक और ठेकेदार नियमों की अनदेखी कर रहे हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए पुलिस ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है।

पुलिस कार्रवाई:
प्राप्त जानकारी के अनुसार, जनपद पिथौरागढ़ में अपराध नियंत्रण के उद्देश्य से पुलिस सत्यापन अभियान को और तेज कर रही है। पुलिस अधीक्षक रेखा यादव के निर्देशन में सीओ पिथौरागढ़ गोविंद बल्लभ जोशी, सीओ डीडीहाट कुवर सिंह रावत और सीओ धारचूला संजय पांडे के पर्यवेक्षण में थाना अस्कोट पुलिस द्वारा किरायेदार एवं मजदूर सत्यापन अभियान चलाया जा रहा है।
इसी क्रम में चौकी प्रभारी ओगला उपनिरीक्षक बसंत पंत के नेतृत्व में भागीचौरा क्षेत्र में चेकिंग के दौरान नेपाली मजदूरों को बिना सत्यापन रहते हुए पाया गया। जांच में सामने आया कि ठेकेदार अमित चौबे और उमेश बल्दिया द्वारा मजदूरों का सत्यापन नहीं कराया गया था। पुलिस टीम ने दोनों ठेकेदारों पर पुलिस अधिनियम की धारा 83 के तहत 10-10 हजार रुपये के चालान जारी किए।
सुरक्षा को लेकर प्रशासन सख्त:
यह कार्रवाई क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने और आपराधिक गतिविधियों पर रोक लगाने के उद्देश्य से की गई है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी सत्यापन न कराने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। आम जनता से अपील की गई है कि वे किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें ताकि अपराधों को रोका जा सके।



