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साइबर ठगी का शिकार हुआ नेवी अफसर, पौड़ी पुलिस ने लौटाई 1.60 लाख रुपये की ठगी गई राशि
साइबर अपराध तेजी से बढ़ रहा है, आम नागरिकों के साथ-साथ सरकारी अधिकारी भी हो रहे शिकार
डिजिटल युग में इंटरनेट के माध्यम से होने वाली ठगी के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। साइबर अपराधी नए-नए तरीके अपनाकर लोगों को जाल में फंसा रहे हैं, जिससे आम लोग ही नहीं, बल्कि सरकारी अधिकारी भी धोखाधड़ी के शिकार हो रहे हैं। फर्जी वेबसाइट, कॉल, मैसेज और सोशल मीडिया के जरिए ठगों का नेटवर्क सक्रिय है, जो भोले-भाले लोगों को अपनी मेहनत की कमाई गंवाने पर मजबूर कर रहा है। साइबर ठगी के ऐसे मामलों में जागरूकता और पुलिस की सक्रियता बेहद जरूरी हो गई है।
पौड़ी पुलिस ने की त्वरित कार्रवाई, ठगी गई रकम लौटाई
प्राप्त जानकारी के अनुसार, जनपद पौड़ी के कोटद्वार निवासी अमित नेगी, जो कि नेवी में अफसर हैं, को हेलीकॉप्टर सेवा की बुकिंग के नाम पर ऑनलाइन ठगी का शिकार बनाया गया था। रिपोर्ट के अनुसार, एक अज्ञात व्यक्ति ने फर्जी हेलीकॉप्टर सेवा वेबसाइट के माध्यम से केदारनाथ यात्रा के लिए 1,60,000 रुपये की ठगी कर ली। इस घटना से परेशान होकर अमित नेगी ने साइबर सेल कोटद्वार में शिकायत दर्ज कराई।
साइबर सेल की तत्परता से मिली सफलता
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक लोकेश्वर सिंह के निर्देशानुसार साइबर सेल ने मामले को गंभीरता से लिया और तत्काल कार्रवाई शुरू की। टीम ने तकनीकी विश्लेषण और साइबर ट्रैकिंग के जरिए जांच करते हुए ठगी गई राशि को वापस दिलाने में सफलता प्राप्त की। साइबर सेल कोटद्वार की इस त्वरित कार्रवाई के बाद 1,60,000 रुपये आवेदक के खाते में सफलतापूर्वक वापस कर दिए गए।
पीड़ित ने जताया पुलिस का आभार
अपनी मेहनत की कमाई वापस पाकर पीड़ित अमित नेगी ने पौड़ी पुलिस और साइबर सेल की कार्यप्रणाली की सराहना की। उन्होंने कहा कि साइबर ठगों से बचने के लिए सभी को सतर्क रहने की जरूरत है और किसी भी संदिग्ध वेबसाइट या लिंक पर बिना जांच-पड़ताल के भुगतान नहीं करना चाहिए।
साइबर पुलिस टीम कोटद्वार की सक्रियता
- अपर उपनिरीक्षक दीपक अरोड़ा
- महिला मुख्य आरक्षी विमला नेगी
- मुख्य आरक्षी आशीष नेगी
- आरक्षी अरविन्द राय
- आरक्षी अमरजीत
साइबर ठगी से बचने के लिए किसी भी अनजान वेबसाइट पर व्यक्तिगत जानकारी साझा न करें और संदेह होने पर तुरंत पुलिस या साइबर हेल्पलाइन पर संपर्क करें।



