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प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता और जिम्मेदारी सुनिश्चित करने के लिए नियमित निरीक्षण आवश्यक होता है। जब सरकारी कार्यालयों में दस्तावेजों के रखरखाव और योजनाओं की प्रगति में लापरवाही पाई जाती है, तो इससे जनता को मिलने वाली सुविधाओं पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। टिहरी जिले में हुए औचक निरीक्षण के दौरान विकास खंड कार्यालय में कई अनियमितताएं सामने आईं, जिससे अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल उठने लगे हैं।

निरीक्षण के दौरान मिली अनियमितताएं
प्राप्त जानकारी के अनुसार, जिला विकास अधिकारी मो. असलम ने विकास खंड कार्यालय थौलधार का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान संपत्ति पंजिका और निरीक्षण पंजिका के रखरखाव में लापरवाही देखी गई। साथ ही, कार्मिकों द्वारा निरीक्षण आख्या उपलब्ध नहीं कराए जाने पर जिला विकास अधिकारी ने नाराजगी व्यक्त की। संबंधित पटल सहायक को इस संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए।
योजनाओं की समीक्षा और दिशा-निर्देश
निरीक्षण के दौरान विकास खंड की मासिक स्टाफ बैठक में जिला विकास अधिकारी ने प्रतिभाग किया और विभिन्न विकास योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने आगामी पंचायत निर्वाचन को ध्यान में रखते हुए पंचायत निर्वाचन नामावली के सत्यापन को गंभीरता से लेने के निर्देश दिए।

महिला स्वयं सहायता समूहों के प्रशिक्षण में सहभागिता
जिला विकास अधिकारी ने ग्राम कमान्द में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) और REAP परियोजना के तहत महिला स्वयं सहायता समूहों और क्लस्टर फेडरेशन के प्रशिक्षण कार्यक्रम में भी भाग लिया। इस दौरान मशरूम यूनिट कमान्द की प्रगति की समीक्षा की गई और दो प्रशिक्षित पशु सखियों को किट वितरित की गई।
कृषि और पशुपालन को बढ़ावा
परियोजना के अंतर्गत कृषि आधारित उद्यम स्थापना के लिए दो लाभार्थियों को बकरी पालन और मधुमक्खी पालन हेतु परियोजना सहयोग धनराशि के चेक वितरित किए गए। ग्रामीणों को मनरेगा योजना के तहत पशु आश्रय निर्माण में सहायता देने की जानकारी दी गई। साथ ही, मनरेगा के तहत बंजर भूमि सुधार कार्यक्रम के तहत चारा उत्पादन को भी बढ़ावा देने की योजना पर चर्चा हुई।
योजनाओं का जमीनी सत्यापन
ग्राम पंचायत कैचू का भ्रमण कर महात्मा गांधी नरेगा, बाल विकास और पंचायत से संबंधित योजनाओं का सत्यापन किया गया। निरीक्षण के दौरान खंड विकास अधिकारी थौलधार, सहायक खंड विकास अधिकारी, उपकार्यक्रम अधिकारी मनरेगा, ब्लॉक मिशन प्रबंधक आजीविका मिशन, ग्राम विकास अधिकारी और ग्राम प्रधान कैचू सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
सरकारी योजनाओं का सही क्रियान्वयन तभी संभव है जब संबंधित अधिकारी और कर्मचारी अपनी जिम्मेदारी को गंभीरता से लें। इस प्रकार के निरीक्षण से प्रशासनिक व्यवस्था को सुदृढ़ करने का प्रयास किया जा रहा है। जनता से भी अपील है कि वे सरकारी योजनाओं के सही क्रियान्वयन पर नजर रखें और किसी भी अनियमितता की सूचना संबंधित अधिकारियों को दें।



