Saturday, March 28, 2026
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देहरादून: दून यूनिवर्सिटी में एसएसपी का इंटरेक्शन, कम्युनिटी पुलिसिंग से अपराध रोकने पर जोर

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देहरादून में कम्युनिटी पुलिसिंग पर जोर, पुलिस और आमजन के बीच सहयोग को बताया अहम

एसएसपी देहरादून ने दून यूनिवर्सिटी में इंटरेक्शन कार्यक्रम में रखे विचार

समाज में कानून व्यवस्था बनाए रखना सिर्फ पुलिस की जिम्मेदारी नहीं होती, बल्कि आम नागरिकों की भागीदारी भी इसमें महत्वपूर्ण होती है। बढ़ते अपराधों, कानून व्यवस्था में आमजन की दूरी और पुलिस पर विश्वास की कमी को देखते हुए “कम्युनिटी पुलिसिंग” एक प्रभावी समाधान के रूप में उभर रही है। इस अवधारणा का मुख्य उद्देश्य पुलिस और जनता के बीच सहयोग बढ़ाकर अपराधों की रोकथाम और सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करना है। इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए देहरादून में “Community Policing: Building Trust Between Police and Citizen” विषय पर एक इंटरेक्शन कार्यक्रम आयोजित किया गया।

पुलिस और नागरिकों के बीच विश्वास जरूरी

प्राप्त जानकारी के अनुसार, दिनांक 12 फरवरी 2025 को दून यूनिवर्सिटी में आयोजित इस कार्यक्रम में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) देहरादून ने बतौर मुख्य वक्ता शिरकत की। कार्यक्रम का आयोजन Doon Geographical Society द्वारा किया गया, जिसमें छात्रों को पुलिस और समाज के आपसी संबंधों को मजबूत करने की जरूरत और कम्युनिटी पुलिसिंग की भूमिका पर विस्तृत जानकारी दी गई।

कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलित कर किया गया। एसएसपी ने अपने संबोधन में कहा कि प्रत्येक पुलिसकर्मी समाज का ही हिस्सा होता है, जो वर्दी पहनने के बाद एक ज़िम्मेदारी निभा रहा होता है। वहीं, आम नागरिक कम्युनिटी पुलिसिंग के तहत बिना वर्दी वाले पुलिसकर्मी होते हैं।

कम्युनिटी पुलिसिंग से अपराधों पर रोकथाम

एसएसपी के अनुसार, कम्युनिटी पुलिसिंग एक ऐसी रणनीति है, जिसमें पुलिस और स्थानीय समाज के बीच संवाद, सहभागिता और आपसी सहयोग पर ज़ोर दिया जाता है। इसके माध्यम से अपराधों पर रोकथाम लगाई जा सकती है, साथ ही आम जनता में सुरक्षा की भावना को और मजबूत किया जा सकता है।

उन्होंने इस बात पर भी प्रकाश डाला कि आमतौर पर लोगों का पुलिस के प्रति नकारात्मक दृष्टिकोण रहता है, जिसका मुख्य कारण पुलिस की सख्त कार्रवाई और कानून के पालन की अनिवार्यता है। चाहे ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन पर चालान की कार्रवाई हो या किसी अपराध में कानूनी हस्तक्षेप, इसे आमजन अक्सर पुलिस की सख्ती के रूप में देखते हैं। कम्युनिटी पुलिसिंग का उद्देश्य इस नकारात्मक छवि को सुधारना और पुलिस व नागरिकों के बीच बेहतर संवाद स्थापित करना है।

छात्रों की जिज्ञासाओं का समाधान

कार्यक्रम के दौरान एसएसपी ने छात्रों द्वारा पूछे गए सवालों का जवाब देते हुए कम्युनिटी पुलिसिंग की अवधारणा, उसकी आवश्यकता और समाज पर प्रभाव को विस्तार से समझाया। उन्होंने छात्रों को इस पहल में सक्रिय भूमिका निभाने और पुलिस के साथ सहयोग बढ़ाने के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम में रही छात्रों की उत्साही भागीदारी

इस अवसर पर दून यूनिवर्सिटी भूगोल विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. अभिजीत सहाय, ज्यॉग्रॉफिकल सोसाइटी की अध्यक्ष इशु, उपाध्यक्ष अनिरुद्ध कुमार यादव सहित अन्य पदाधिकारी और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

कार्यक्रम ने छात्रों और पुलिस अधिकारियों के बीच संवाद को बढ़ावा दिया और कम्युनिटी पुलिसिंग की अवधारणा को समाज के लिए उपयोगी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ।


 

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