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देहरादून में पुलिस का बड़ा सत्यापन अभियान, 1500 से अधिक किरायेदारों की जांच, 328 मकान मालिकों पर कार्रवाई
क्या आपके किरायेदार का सत्यापन हुआ है? देहरादून पुलिस ने बड़े पैमाने पर चलाया अभियान
बढ़ते अपराधों और सुरक्षा चिंताओं के बीच बाहरी व्यक्तियों और किरायेदारों के सत्यापन की जरूरत पहले से अधिक बढ़ गई है। कई बार बिना सत्यापन के मकान मालिक अनजान लोगों को किराए पर घर दे देते हैं, जिससे आपराधिक गतिविधियों की संभावना बढ़ जाती है। देहरादून पुलिस ने इसी खतरे को देखते हुए नगर और देहात क्षेत्रों में एक व्यापक सत्यापन अभियान चलाया, जिसमें हजारों लोगों की जांच की गई और नियमों का उल्लंघन करने वाले मकान मालिकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की गई।

बड़े पैमाने पर चला सत्यापन अभियान
प्राप्त जानकारी के अनुसार, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देशानुसार 09 फरवरी 2025 को नगर और ग्रामीण क्षेत्रों में व्यापक सत्यापन अभियान चलाया गया। इस दौरान पुलिस ने विभिन्न थाना क्षेत्रों में कुल 1574 बाहरी व्यक्तियों और किरायेदारों का सत्यापन किया।
328 मकान मालिकों पर 32 लाख से अधिक का जुर्माना
जिन मकान मालिकों ने किरायेदारों का सत्यापन नहीं कराया था, उनके खिलाफ 83 पुलिस अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई। 328 मकान मालिकों पर कुल 32,80,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया।

47 संदिग्ध व्यक्ति हिरासत में, 73 लोगों पर पुलिस एक्ट में चालान
अभियान के दौरान 47 संदिग्ध व्यक्तियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। इसके अलावा, 73 लोगों के खिलाफ पुलिस एक्ट में चालान कर 22,000 रुपये का जुर्माना वसूला गया।
क्यों जरूरी है किरायेदार सत्यापन?
बिना सत्यापन के किरायेदार रखना सिर्फ कानूनी अपराध नहीं, बल्कि एक गंभीर सुरक्षा जोखिम भी है। कई बार अपराधी या फरार आरोपी बिना जांच के किराए के मकानों में छिप जाते हैं। सत्यापन से मकान मालिकों को यह सुनिश्चित करने में मदद मिलती है कि किराएदार विश्वसनीय और कानून के दायरे में हैं।
क्या करें मकान मालिक?
- किरायेदार को घर देने से पहले नजदीकी पुलिस स्टेशन में उसका सत्यापन जरूर कराएं।
- सत्यापन न कराने पर जुर्माने और कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।
- संदिग्ध गतिविधियों की तुरंत पुलिस को सूचना दें।
देहरादून पुलिस का यह अभियान सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। मकान मालिकों और नागरिकों को भी इसमें सहयोग देना चाहिए ताकि शहर को अपराध मुक्त और सुरक्षित बनाया जा सके।



