आप को बता दे
बागेश्वर जिले में, पुलिस अधीक्षक चंद्रशेखर घोडके (IPS) के निर्देशन में, पुलिस ने अपने कर्तव्य के साथ-साथ मानवीयता का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया। उत्तरायणी मेले के दौरान ड्यूटी पर तैनात आरक्षी चालक नैनराम और आरक्षी पुरन गिरी ने न केवल सुरक्षा व्यवस्था में योगदान दिया, बल्कि लोगों की खोई हुई वस्तुएं भी ढूंढकर उन्हें लौटाई।
- घटना 1:
मेला ड्यूटी के दौरान, आरक्षी चालक नैनराम को मेला क्षेत्र में एक बैग पड़ा मिला, जिसमें ₹3000 नकद, एक एंड्रॉइड मोबाइल और महत्वपूर्ण दस्तावेज थे। ईमानदारी और मानवता का परिचय देते हुए, नैनराम ने यह बैग अस्थायी चौकी में जमा कराया। जांच के बाद, यह बैग माया देवी, निवासी नौगांव, बागेश्वर का पाया गया। पुलिस ने संपर्क कर उन्हें चौकी बुलाया और उनकी संपत्ति उन्हें सुपुर्द की। - घटना 2:
उत्तरायणी मेले में घूमने आईं ललिता सुगड़ा, पत्नी गणेश सिंह, ने अपना पर्स खो जाने की सूचना सरयू बगड़ पुलिस चौकी को दी। पर्स में ₹2200 नकद, ज्वैलरी और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज थे। मेला ड्यूटी पर तैनात आरक्षी पुरन गिरी ने मेहनत और लगन से पर्स खोजकर चौकी में जमा कराया। महिला को पर्स लौटाने पर उन्होंने खुशी जाहिर की और पुलिस की सराहना की।
इन घटनाओं से स्पष्ट है कि बागेश्वर पुलिस न केवल अपराधियों पर कार्रवाई कर रही है बल्कि समाज सेवा में भी अग्रणी भूमिका निभा रही है।



