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समाज को हिला देने वाली घटना: मानव तस्करी के चंगुल से बच्चे की सकुशल वापसी
मानव तस्करी और बच्चों की बिक्री जैसी गंभीर समस्याएं हमारे समाज के लिए एक बड़ा खतरा बनती जा रही हैं। यह केवल आर्थिक लाभ का माध्यम नहीं है, बल्कि यह मानवता पर गहरा आघात है। हाल ही में देहरादून पुलिस ने एक ऐसे ही गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो बच्चों का अपहरण कर उन्हें बेचने का घृणित कार्य कर रहा था। पुलिस की सक्रियता और प्रभावी कार्यवाही से न केवल एक मासूम की जान बचाई गई, बल्कि एक बड़े अपराध चक्र का भी खुलासा हुआ है।

गिरोह का पर्दाफाश और बच्चे की सकुशल बरामदगी
प्राप्त जानकारी के अनुसार, देहरादून के थाना कैंट क्षेत्र में 2 जनवरी 2025 को एक महिला रीना ने अपने दो बच्चों, 5 वर्षीय आकाश और 2 वर्षीय विकास, के अपहरण की शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान पता चला कि रीना मानसिक रूप से कमजोर है और उसे बहला-फुसलाकर अपहरणकर्ता राकेश और अन्य आरोपी अपने साथ ले गए थे।
पुलिस ने राकेश और उसके साथियों की गतिविधियों पर नजर रखी और पाया कि यह गिरोह बच्चों को 2 लाख रुपये में बेच चुका था। आरोपी अमरोहा में छिपे हुए थे, जहां पुलिस ने दबिश देकर उन्हें गिरफ्तार किया। राकेश, राहुल, तानिया, प्रियंका और सैन्टी नामक आरोपी इस अपराध में शामिल थे।

पूछताछ से मिले चौंकाने वाले तथ्य
पूछताछ के दौरान मुख्य आरोपी राकेश ने बताया कि उसने और उसके साथियों ने रीना के बच्चों को बहला-फुसलाकर अपने कब्जे में लिया और फिर उन्हें बेच दिया। यह भी पता चला कि आरोपी राकेश ने अपने खुद के बच्चों को भी बेचा था। पुलिस इस मामले में आगे की गहन जांच कर रही है।
पूछताछ में अभियुक्त राकेश द्वारा बताया गया कि वह वर्ष 2004 से देहरादून में साफ-सफाई का कार्य कर रहा है तथा राहुल जो उसके साथ साफ-सफाई का काम करता है, से उसकी अच्छी जान-पहचान है तथा वह अक्सर उसके घर आता-जाता रहता है। दिसम्बर 2024 में राहुल की बेटी तानिया द्वारा उसे बताया कि धामपुर में प्रियंका नाम की एक महिला उसके साथ काम करती है तथा उसकी जान पहचान के एक व्यक्ति को एक बच्चे की जरूरत है, जिसके एवज में उन्हें अच्छा पैसा मिल सकता है, जिस पर अभियुक्त राकेश द्वारा अपने मामा की लडकी रीना, जो मानसिक रूप से कमजोर है, के 02 बच्चो को बेचने की योजना बनाई तथा दिनांक 16-12-2024 को रीना को बहला-फुसलाकर उसके 02 बच्चो के साथ अपने साथ ले गया, जहाँ अभियुक्त द्वारा राहुल व तानिया के साथ मिलकर रीना के 02 साल के बच्चे को धामपुर में प्रिंयका व सैन्टी को 02 लाख रू0 में बेच दिया तथा प्राप्त पैसो को आपस में बांट लिया।
पुलिस टीम को सम्मानित किया गया
देहरादून के एसएसपी द्वारा इस जटिल मामले को सुलझाने और बच्चे की सकुशल बरामदगी के लिए पुलिस टीम को 25,000 रुपये का पुरस्कार दिया गया। यह टीम की कड़ी मेहनत और सतर्कता का परिणाम है कि इस मामले में बच्चों को सुरक्षित बचाया जा सका।
नाम/पता गिरफ्तार अभियुक्त :-
1- राकेश पुत्र रैतु निवासी ग्राम मौहल्ला जाटान, थाना व जिला बिजनौर, हाल पता सहस्त्रधारा रोड, देहरादून, उम्र 52 वर्ष
2- कु० तानिया पुत्र राहुल, निवासी गोहरपुर सुल्तानपुर, जिला मुरादाबाद, उ०प्र०, उम्र 20 वर्ष हाल पता दोबची, सहस्त्रधारा रोड, देहरादून।
3- प्रिंयका पुत्री टिक्कम सिंह, निवासी कोडीपुर, धामपुर, बिजनौर, उम्र 22 वर्ष
4- सेंटी पुत्र टिक्कम सिंह, निवासी कोडीपुर धामपुर, बिजनौर, उम्र 25 वर्ष
वांछित अभियुक्त :-
1- राहुल पुत्र सुरेश चन्द, निवासी गोहरपर, काफिया बाद, मुरादाबाद
बरादमगी :-
अपहृत बालक उम्र 02 वर्ष
नोट :- बच्चे की बरामदगी तथा अभियुक्तों की गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम को एसएसपी देहरादून द्वारा 25000 ₹ के पुरुस्कार से किया पुरस्कृत
पुलिस टीम :-
1- निरीक्षक कैलाश चन्द भट्ट, प्रभारी कोतवाली कैंट
2- व०उ०नि० महादेव उनियाल, कोतवाली कैंट
3- उ०नि० कमलेश प्रसाद गौड़, चौकी प्रभारी बिन्दाल
4- म०उ०नि० विनियता चौहान ( विवेचक )
5- कानि० योगेश
6- कानि० अवनीश
7- कानि० अजय
8- हे०कानि० किरण (एसओजी )
9- कानि० आशीष शर्मा (एसओजी)
विशेष सहयोग – एस.एच.ओ. राजेश चौहान, कोतवाली धामपुर, बिजनौर।



