Thursday, February 19, 2026
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पौड़ी जिले में सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर 30 लाख की ठगी, कोलकाता से गिरफ्तार हुआ सुभब्रत रॉय

आप को बता दे

डिजिटल युग में ठगी और धोखाधड़ी के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं, विशेषकर सरकारी नौकरी के नाम पर। बेरोज़गार युवाओं की कमजोरी का फायदा उठाकर कुछ लोग उन्हें झांसा देते हैं, और बड़े पैमाने पर धनराशि हड़प लेते हैं। इस प्रकार की ठगी न केवल वित्तीय नुकसान का कारण बनती है, बल्कि युवाओं के विश्वास को भी चोट पहुँचाती है। ऐसे मामलों में पुलिस द्वारा त्वरित कार्रवाई से इन अपराधों को रोकने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि अन्य लोग इस प्रकार के धोखाधड़ी के शिकार न बनें।

पौड़ी पुलिस ने हाल ही में सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले अंतर्राज्यीय गैंग के एक और सदस्य को गिरफ्तार किया है। कोलकाता से गिरफ्तार किए गए इस आरोपी का नाम सुभब्रत रॉय है, जिसे पुलिस ने 1 दिसंबर 2024 को पकड़ा। इस गैंग के लीडर सतीश कुमार को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।

मामले की शुरुआत 8 सितंबर 2024 को कोटद्वार कोतवाली में वादी मयंक नेगी की शिकायत से हुई थी। मयंक ने आरोप लगाया था कि सतीश कुमार और सुभब्रत रॉय ने उसे ईस्टर्न रेलवे में “GROUP-C” की नौकरी लगाने के नाम पर धोखाधड़ी की। आरोपियों ने उसे फर्जी नियुक्ति पत्र और रेलवे का आई कार्ड दे कर 30,70,550 रुपये की ठगी की। इस शिकायत के आधार पर कोतवाली कोटद्वार में धारा 420, 467, 468, 471, और 120B के तहत मामला दर्ज किया गया था।

वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लिया और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम को निर्देश दिए। आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस टीम द्वारा लगातार प्रयास किए जा रहे थे, हालांकि आरोपी अपने ठिकाने बदलते जा रहे थे, जिससे उनकी गिरफ्तारी में रुकावट आ रही थी। इस पर वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों द्वारा दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी पर 5000 रुपये का ईनाम घोषित किया गया था।

कोटद्वार पुलिस टीम ने छापेमारी करते हुए 23 नवंबर 2024 को मुख्य आरोपी सतीश कुमार को दिल्ली से गिरफ्तार किया था। इसके बाद, पुलिस ने सुभब्रत रॉय की गिरफ्तारी के लिए भी सख्त कदम उठाए और आखिरकार 1 दिसंबर 2024 को उसे कोलकाता से गिरफ्तार किया। पूछताछ में यह सामने आया कि आरोपी केवल उत्तराखंड में ही नहीं, बल्कि हरियाणा, पंजाब, बिहार जैसे अन्य राज्यों के युवाओं से भी पैसे लेकर उन्हें सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देते थे।

अभी आरोपी से पूछताछ जारी है, और उसकी आपराधिक गतिविधियों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। उसे न्यायालय में पेश कर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।

पंजीकृत अभियोग:
मु0अ0सं0-229/24, धारा- 420, 467, 468, 471, 120(बी) भा0द0वि0।

अभियुक्त का नाम:

  1. सुभब्रत रॉय (उम्र-54 वर्ष), पुत्र श्री देवब्रत रॉय, निवासी- म0नं0-70 श्यामा प्रसाद मुखर्जी काली घाट, बी0सी0-29 देशबन्धु नगर, थाना बागुहाटी, कोलकत्ता पश्चिम बंगाल।

पुलिस टीम:

  1. उपनिरीक्षक श्री राजाराम डोभाल
  2. मुख्य आरक्षी श्री उत्तम सिंह (CIU)
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