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कार्यस्थल पर महिलाओं के अधिकारों की सुरक्षा और यौन उत्पीड़न की रोकथाम के लिए देशभर में कई कदम उठाए जा रहे हैं। इस दिशा में “पॉश अधिनियम” (कार्यस्थल पर महिलाओं के खिलाफ यौन उत्पीड़न से संबंधित कानून) एक महत्वपूर्ण कानून साबित हुआ है, जिसे लागू करने के लिए पुलिस विभाग भी सक्रिय रूप से काम कर रहा है। महिलाओं के अधिकारों की रक्षा और कार्यस्थल पर सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से पिथौरागढ़ पुलिस लाईन में एक विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया।

पिथौरागढ़ जिले के पुलिस लाईन में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा “पॉश अधिनियम” पर कार्यशाला आयोजित की गई, जिसमें जिले की विभिन्न पुलिस इकाइयों की महिला कर्मियों ने भाग लिया। इस कार्यशाला में कोतवाली पिथौरागढ़, थाना जाजरदेवल, एलआईयू, नैनीसैनी एयरपोर्ट, पुलिस दूरसंचार, अग्निशमन सेवा और पुलिस कार्यालय की महिला कर्मचारियों ने सक्रिय भागीदारी की।
कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य कार्यस्थल पर महिलाओं के अधिकारों की सुरक्षा और यौन उत्पीड़न की रोकथाम के प्रति जागरूकता फैलाना था। कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने पॉश अधिनियम की जानकारी दी और इसके प्रावधानों के बारे में बताया, ताकि पुलिस कर्मी अपने कार्यस्थल पर महिलाओं के अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित कर सकें।
कार्यशाला में शामिल सभी प्रतिभागियों ने इसे बहुत उपयोगी बताया और अपने-अपने कार्यस्थलों पर इस अधिनियम के तहत महिलाओं के लिए सुरक्षित माहौल बनाने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जताई। यह कार्यक्रम पुलिस कर्मियों के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण था क्योंकि यह उन्हें यौन उत्पीड़न के मामलों को सही तरीके से समझने और उन पर प्रभावी रूप से कार्रवाई करने के लिए प्रशिक्षित करता है




