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बाघ संरक्षण और पर्यटन को बढ़ावा: देहरादून जू में बाघ बाड़े का उद्घाटन
देहरादून, 25 नवंबर 2024:
वन्यजीव संरक्षण के महत्व और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए उत्तराखंड सरकार लगातार प्रयासरत है। बाघों की घटती संख्या और उनके प्राकृतिक आवासों पर बढ़ते खतरे के कारण बाघ संरक्षण आज एक गंभीर मुद्दा बन गया है। इस दिशा में उत्तराखंड सरकार का एक और अहम कदम देहरादून जू में बाघ बाड़े का निर्माण और उद्घाटन है। इस बाड़े को पर्यटकों के लिए खोला गया है, जो वन्यजीवों के प्रति जागरूकता बढ़ाने और पर्यटकों को आकर्षित करने में सहायक होगा।

समारोह और उद्घाटन:
रिपोर्ट्स के अनुसार, देहरादून जू, मालसी में आयोजित इस कार्यक्रम में उत्तराखंड के वन मंत्री सुबोध उनियाल ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। उन्होंने विधिवत पूजा-अर्चना के बाद बाघ बाड़े का उद्घाटन किया। इस मौके पर रामनगर विधायक दिवान सिंह बिष्ट और सल्ट विधायक महेश जीना समेत कई गणमान्य अतिथि मौजूद रहे।
बाघ बाड़े का निर्माण और जानकारी:
यह बाघ बाड़ा केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण (CZA) की अनुमति और मानकों के तहत 20 हेक्टेयर क्षेत्र में बनाया गया है। इसमें फिलहाल दो नर बाघ रखे गए हैं, जिन्हें उत्तराखंड के विभिन्न स्थानों से बचाव के बाद कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के ढेला रेस्क्यू सेंटर में रखा गया था। दोनों बाघों को फरवरी 2024 में देहरादून जू लाया गया था। एक बाघ की उम्र लगभग 6 साल 9 महीने और दूसरे की उम्र 4 साल 9 महीने है।

प्रमुख व्यक्तियों की उपस्थिति:
कार्यक्रम में प्रमुख सचिव वन एवं पर्यावरण आर.के. सुधांशु, प्रमुख वन संरक्षक डॉ. धनंजय मोहन, मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक रंजन कुमार मिश्र, और अन्य उच्चाधिकारी उपस्थित थे।
पर्यटन और संरक्षण पर प्रभाव:
बाघों को पर्यटकों के अवलोकन के लिए उपलब्ध कराना वन्यजीव संरक्षण के साथ-साथ पर्यटकों को शिक्षित करने का अवसर प्रदान करेगा। उत्तराखंड, जो बाघों की संख्या के मामले में देश में तीसरे स्थान पर है, इस पहल से वन्यजीव पर्यटन को और मजबूती देगा।
कार्यक्रम के अंत में देहरादून जू के निदेशक और प्रभागीय वनाधिकारी नीरज कुमार ने सभी अतिथियों का धन्यवाद ज्ञापित किया।



