Friday, February 20, 2026
Google search engine
Homeउत्तराखंडअल्मोड़ा बस हादसे के बाद 108 एम्बुलेंस सेवा की जवाबदेही तय: चिकित्सा...

अल्मोड़ा बस हादसे के बाद 108 एम्बुलेंस सेवा की जवाबदेही तय: चिकित्सा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने देहरादून में दी बैठक में नई गाइडलाइंस, रिस्पॉस टाइम 20-25 मिनट, गंभीर मरीजों को सीधे रैफर्ड अस्पताल भेजने का आदेश

आप को बता दे

108 आपातकालीन सेवा की जवाबदेही होगी तय : डॉ. धन िंसंह रावत

रिस्पॉस टाइम पर न पहुंचने पर लगेगी पैनाल्टी, बैकअप में रहेंगी गाडियां

क्रिटिकल मरीजों को सीधे रैफर्ड अस्पताल तक पहुंचायेगी एम्बुलेंस

देहरादून, 04 नवम्बर 2024
अल्मोड़ा में हुये बस हादसे के मध्यनज़र आपातकालीन 108 एम्बुलेंस सेवा के साथ ही राजकीय मेडिकल कॉलेजों व जिला अस्पतालों की भी जवाबदेही तय की जायेगी। किसी भी दुर्घटना के बाद मौके पर तय समय सीमा के अंतर्गत न पहुंचने वाले 108 एम्बुलेंस वाहनों पर पैनाल्टी भी लगाई जायेगी। कुछ एम्बुलेंस को बैकअप में भी रखा जायेगा। गम्भीर मरीजों को एम्बुलेंस सीधे रैफर्ड अस्पताल में पहुंचायेगी। इसके लिये विभागीय अधिकारियों को गाइडलाइन तैयार करने के निर्देश दे दिये गये हैं।

चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने आज अपने शासकीय आवास पर चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक ली। जिसमें उन्होंने अधिकारियों को 108 आपातकालीन सेवा की जवाबदेही तय करने के लिये ठोस गाइडलाइन तैयार करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि भविष्य में किसी भी प्रकार की दुर्घटना होने पर 108 एम्बुलेंस का रिस्पॉस टाइम पर्वतीय क्षेत्रों के लिये 20 से 25 मिनट तथा मैदानी क्षेत्रों के लिये 12 से 15 मिनट तय किया जायेगा। समय सीमा के अंतर्गत न पहुंचने वाले 108 एम्बुलेंस सेवा प्रदाता के विरूद्ध तीन गुना पैनाल्टी लगाई जायेगी। इसके साथ ही गंभीर मरीज को वाहनों की बदला-बदली किये बिना सीधे रैफर्ड अस्पताल तक पहुंचाना होगा। इस सेवा को और बेहतर बनाने के लिये प्रदेशभर में कुछ एम्बुलेंस को रिजर्व में भी रखा जायेंगी ताकि किसी वाहन के खराब होने पर तत्काल दूसरे वाहन की सेवा ली जा सके।

विभागीय मंत्री ने सूबे के राजकीय मेडिकल कॉलेजों व जिला अस्पतालों को भी ऐसे समय में मरीजों को बेहतर उपचार देने के निर्देश दिये। इसके लिये उन्होंने जिला चिकित्सालयों एवं मेडिकल कॉलेजों में सभी आपातकालीन सेवाएं चाक-चौबंद रखने के निर्देश अधिकारियों को दिये। उन्होंने कहा कि जहां पर पैरामेडिकल व अन्य तकनीकी स्टॉफ की कमी है उन अस्पतालों में शीघ्र ही आउटसोर्स के माध्यम से स्टॉफ की भर्ती की जायेगी। उन्होंने विशेषज्ञ चिकित्सकों की भर्ती के लिये वॉक-इन-इंटरव्यू जारी रखने के भी निर्देश दिये।

बैठक में सचिव स्वास्थ्य आर राजेश कुमार, अपर सचिव आनंद श्रीवास्तव, अनुराधा पाल, नमामि बंसल, निदेशक चिकित्सा शिक्षा डॉ. आशुतोष सयाना, निदेशक स्वास्थ्य डॉ. सुनीता टम्टा सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

 

 

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments