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देहरादून: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज देहरादून में आयोजित जागर ढोल सांस्कृतिक उत्सव में हिस्सा लिया। इस मौके पर उन्होंने श्री सचिदानन्द सेमवाल जी द्वारा लिखित पुस्तक “उत्तराखण्ड का लोक पुत्र प्रीतम भरतवाण” का विमोचन भी किया।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि जागर और ढोल वादन हमारी सांस्कृतिक पहचान के साथ ही आस्था और गौरवशाली विरासत का अभिन्न अंग हैं। उन्होंने कहा, “हमारे पूर्वजों ने सदैव इस पहचान को सहेज कर रखा, अब यह हमारी जिम्मेदारी बनती है कि हम इसे आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाएं।”

उन्होंने यह भी बताया कि उनकी सरकार लोक संस्कृति से जुड़े लोगों को प्रोत्साहित करने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। जागर गायन शैली और लोक कला को गुरू-शिष्य परम्परा के माध्यम से पहचान दिलाने और इनसे जुड़ी लिपियों को प्रकाशित करने का कार्य किया जा रहा है। इसके अलावा, आर्ट गैलरी के माध्यम से इस सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि सरकार का यह प्रयास है कि लोक कला और संस्कृति को सहेजने और बढ़ावा देने के लिए हर संभव कदम उठाया जाए, ताकि हमारी सांस्कृतिक पहचान हमेशा जीवित रहे।



