Thursday, February 12, 2026
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पौड़ी पुलिस ने नौकरी के नाम पर 30.7 लाख की ठगी करने वाले गैंग के ईनामी सदस्य को बंगाल से दबोचा

आप को बता दे

पौड़ी पुलिस ने सरकारी नौकरी लगाने का झांसा देकर 30.7 लाख की ठगी करने वाले अंतर्राज्यीय गैंग के पांचवे ईनामी सदस्य को पश्चिम बंगाल से दबोचा।

अभियुक्त की गिरफ्तारी हेतु एसएसपी पौड़ी द्वारा किया गया था 10,000/- का ईनाम घोषित।

गैंग लीडर व मास्टर माइन्ड सहित गैंग के कुल 04 सदस्यों को पौड़ी पुलिस द्वारा गिरफ्तार कर पहले ही भेजा जा चुका है जेल।

दिनांक 08.09.2024 को कोतवाली कोटद्वार पर वादी मयंक नेगी,कोटद्वार द्वारा एक शिकायती प्रार्थना पत्र दिया गया। जिसमें बताया गया कि 1.सतीश कुमार,निवासी-दिल्ली 2.राजकुमार बैनर्जी उर्फ सुब्रुतो,निवासी- कृष्णानगर दिल्ली, द्वारा वादी को ईस्टर्न रेलवे में “GROUP –C” की नौकरी लगाने के नाम पर धोखाधड़ी करके फर्जी नियुक्ति पत्र तथा इस्टर्न रेलवे का आई कार्ड देकर वादी से 30,70,550/- रूपये ठग लिए गये हैं। इस शिकायती प्रार्थना पत्र के आधार पर कोतवाली कोटद्वार में मु0अ0सं0-229/24,धारा-420भादवि पंजीकृत किया गया।

पौड़ी पुलिस द्वारा इस प्रकरण में कुशल विवेचना व सुरागरसी-पतारसी करते हुए मुख्य अभियुक्त सतीश कुमार को दिल्ली से,अभियुक्त सुभब्रत रॉय को कोलकाता से, अभियुक्त छोटू पासवान को धनबाद से तथा एक महिला अभियुक्ता मंजू देवी को धनबाद झारखण्ड से गिरफ्तार किया गया था उपरोक्त गिरफ्तारशुदा अभियुक्तों को माननीय न्यायालय के समक्ष पेश कर जिला कारागार पौडी भेजा जा चुका है। विवेचना के दौराने साक्ष्य संकलन की कार्यवाही व गवाहों के बयान के आधार पर मुकदमा उपरोक्त में शशिराम मुर्मू निवासी- चकमंडला थाना- रामपुर जिला- बीरभूमि पश्चिम बंगाल का नाम भी प्रकाश में होना पाया गया।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पौड़ी लोकेश्वर सिंह द्वारा आमजन के साथ हुयी इस धोखाधड़ी की घटना को गम्भीरता से लेते हुये अभियुक्तों की शीघ्र गिरफ्तारी हेतु निर्देशित किया गया था। जिसके क्रम में अपर पुलिस अधीक्षक महोदय कोटद्वार चन्द्रमोहन सिंह, क्षेत्राधिकारी कोटद्वार निहारिका सेमवाल के पर्यवेक्षण में प्रभारी निरीक्षक कोटद्वार श्री रमेश सिंह तनवार के नेतृत्व में पुलिस टीम गठित की गयी। विवेचक की कुशल विवेचना व पुलिस टीम के अथक प्रयासों के फलस्वरूप इस मुकदमें में संलिप्त अभियुक्त की गिरफ्तारी करने हेतु पुलिस टीम द्वारा लगातार प्रयास किया जा रहा था। अभियुक्त शातिर किस्म की होने के कारण तथा अपने साथियों के गिरफ्तार होने के बाद लगातार अपने ठिकाने बदल कर गिरफ्तारी से बच रहा था। जिस पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक महोदय पौड़ी द्वारा अभियुक्त की गिरफ्तारी पर 10,000/-रूपये का ईनाम घोषित किया गया था।

विवेचक की कुशल विवेचनात्मक कार्यवाही व गठित पुलिस टीम की तत्परता, कुशल ठोस पतारसी-सुरागरसी करते हुए सर्विलांस की मदद व अन्य अथक प्रयासों से मुकदमा उपरोक्त में नामजद अभियुक्त शशिराम मुर्मू को दबिश देने के फलस्वरुप दिनांक13.05.2025 को चकमंडला बीरभूम पश्चिम बंगाल से गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार अभियुक्त का माननीय न्यायालय अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट रामपुर हाट पश्चिम बंगाल से ट्रांजिट रिमाण्ड लेकर आज दिनांक 17.05.2025 को माननीय न्यायालय अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कोटद्वार के समक्ष पेश कर आवश्यक वैधानिक कार्यवाही की जा रही है।

पंजीकृत अभियोग
1. मु0अ0सं0-229/24,धारा- 420,467,468,471,120 (बी) भा0द0वि0।

नाम पता गिरफ्तार अभियुक्त
1. शशिराम मुर्मू (उम्र-24 वर्ष) पुत्र श्री बुद्धी मुर्मू, निवासी- बरापहाड़ी चकमंडला थाना- रामपुर हाट, जिला- बीरभूमि, पश्चिम बंगाल

पूर्व मे गिरफ्तार अभियुक्त के नाम पता
1. सतीश कुमार (उम्र- 46 वर्ष) पुत्र श्री बलदेव सिंह, निवासी- कुतुब विहार, गोयल डेरी, साउथ दिल्ली।
2. सुभब्रत राय (उम्र-54 वर्ष) पुत्र श्री देवब्रत राय निवासी- देशबन्धु नगर,थाना बागुहाटी,कोलकत्ता पश्चिम बंगाल।
3. छोटू पासवान (उम्र-47 वर्ष) पुत्र स्व0 श्री रामवृक्ष दुसाध (पासवान), निवासी- शिव मन्दिर पुटकी कुसुन्डा धनबाद झारखण्ड।
4. अभियुक्ता मंजू देवी (उम्र 45 वर्ष) पत्नी स्व0 श्री राजेन्द्र चौधरी, निवासी- चम्पदानी थाना-भद्रेश्वर जिला- हुगली पंश्चिम बंगाल

पूछताछ का विवरण
अभियुक्त से पूछताछ पर जानकारी प्राप्त हुई कि अभियुक्त शशिराम मुर्मू पुत्र श्री बुद्धी मुर्मू बीरभूम पश्चिम बंगाल में संथाली जनजाति के एक गांव का मुखिया है। अभियुक्त द्वारा अपने साथियों के साथ मिलकर एच०डी०एफ०सी० बैंक की शाखा मे ड्रीम कैचर कन्सलटेन्सी नाम से खाता खोला गया था। जिनमें अभियुक्तगणों द्वारा वादी से कुल 1,768,550/- (सत्रह लाख अड़सट हजार पाँच सौ पचास रुपये) जमा कराकर धोखाधड़ी की गयी थी। अभियुक्त के आपराधिक इतिहास की जानकारी जुटायी जा रही है व अन्य विवेचनात्मक कार्यवाही जारी है।

अपराध करने का तरीका
अभियुक्तगणों के द्वारा उत्तराखण्ड,पंजाब,दिल्ली,हरियाणा के बेरोजगार युवको को विश्वास मे लेकर पूर्वी रेलवे में ग्रुप “सी” के पद पर सरकारी नौकरी लगाने के नाम पर बेरोजगार युवाओं से पैसा लिया जाता था व बेरोजगार युवाओं को पूर्वी रेलवे का फर्जी नियुक्ति पत्र,आई0कार्ड आदि दिये जाते थे।

पुलिस टीम
1.उपनिरीक्षक राजाराम डोभाल कोतवाली कोटद्वार।
2.अपर उपनिरीक्षक अहसान अली (C.I.U. कोटद्वार)
3.आरक्षी दिनेश दिलवाल, कोतवाली कोटद्वार
4.आरक्षी आशीष नेगी (साईबर सैल कोटद्वार)
5.आरक्षी अरविन्द राय (साईबर सैल कोटद्वार)

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