पूरी खबर देखने के लिए नीचे फोटो पर क्लिक करें 👇
बिना लाइसेंस के देवी देवताओं के नाम पर बिरियानी कि ठेली लगा रहे व्यक्ति के पास आधार कार्ड तक जेब में नहीं
रेडी संचालक बोला निगम कर्मचारी लेते हैं खर्चा
लेकिन वही जब स्थानीय व्यक्ति मनोज नेगी ने लाइसेंस के साथ रेडी लगायी तो उनके साथ मारपीट हो जाती है नगर निगम वाले उनका सामान उठा कर ले जाते हैं
आप को बता दें
देहरादून शहर हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है बाईपास महिंद्रा शोरूम के निकट दुर्गा बिरयानी रेडी संचालक मौखिक रूप से जिसके पास जेब में आधार कार्ड तक नहीं रेडी का लाइसेंस मांगा गया तो बोल लाइसेंस नहीं है देहरादून में अन्य जगहों पर भी हमारी रेडी लगती है लाइसेंस नहीं बनवाया है निगम कर्मचारी खर्चा लेकर जाते हैं
तो अब आप समझ सकते हैं कि किस तरीके से भ्रष्टाचार सीधे तौर पर हो रहा है जहां एक और स्थानीय व्यक्ति मनोज नेगी देहरादून के कृष्ण नगर क्षेत्र में लाइसेंस के साथ रेडी लगता है तो उनके साथ मारपीट हो जाती है और फिर निगम वाले उनका सामान उठाकर ले जाते हैं
अब सवाल यह खड़ा होता है कि जिस व्यक्ति के पास लाइसेंस है उसको हटाने की कोशिश की जाती है और जो बिना लाइसेंस के लगातार सड़कों पर अतिक्रमण कर रहे हैं रेडी लग रहे हैं वह किस तरीके से लगा रहे हैं जिनकी जेब में आधार कार्ड तक नहीं लेकिन देहरादून की सड़कों में बढ़ता अतिक्रमा एक चिंता का विषय जरूर है
वहीं जब इसी तरह मनोज नेगी नामक व्यक्ति ठेली लगाते है तो उनके साथ मार पीट गाली गलौज होती है, देहरादून में बिना लाइसेंस के एक दूसरा व्यक्ति आराम से ठेली चला रहे हैं, जबकि मूल निवासी मनोज नेगी का लाइसेंस होने के बावजूद उनकी ठेली तोड़ दी जाती है। एक को संरक्षण मिल रहा है, तो दूसरे को बेवजह परेशान किया जा रहा है।
जांच के दौरान उमेश कुमार के छोटे भाई देवेश यादव से बातचीत की गई, जिसने बताया कि ठेली का संचालन उसके भाई उमेश यादव के नाम पर हो रहा है। देवेश यादव ने यह भी बताया कि नगर निगम द्वारा लाइसेंस प्रदान नहीं किया गया है और मौखिक रूप से पैसे लिए जाते हैं।




