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बागेश्वर जिले में ‘ऑपरेशन मुक्ति’ अभियान शुरू, पुलिस ने आमजन को किया जागरूक
बाल श्रम, भिक्षावृत्ति, मानव तस्करी और साइबर अपराध जैसे मुद्दे समाज के लिए गंभीर चुनौती बने हुए हैं। छोटे बच्चों को जबरन मजदूरी में धकेलने, भीख मंगवाने और महिलाओं को धोखे से विवाह या रोजगार के नाम पर ठगने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। इसके अलावा, साइबर अपराध और नशे की लत भी समाज के लिए गंभीर खतरा बन रहे हैं। इन अपराधों को रोकने और आमजन को जागरूक करने के उद्देश्य से उत्तराखंड पुलिस द्वारा ‘ऑपरेशन मुक्ति’ अभियान चलाया जा रहा है।

ऑपरेशन मुक्ति के तहत जन-जागरूकता अभियान
प्राप्त जानकारी के अनुसार, उत्तराखंड में 5 मार्च 2025 से 31 मार्च 2025 तक ‘ऑपरेशन मुक्ति’ अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं। इसी क्रम में बागेश्वर जिले में भराड़ी-कपकोट क्षेत्र में पुलिस और जिला प्रशासन की संयुक्त टीम ने जन-जागरूकता अभियान चलाया।
महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा पर विशेष फोकस
बागेश्वर जिले में एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (AHTU) और महिला हेल्पलाइन की टीम ने क्षेत्र में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए। रिपोर्ट के अनुसार, निरीक्षक टी.आर. बगरेठा और महिला हेल्पलाइन प्रभारी मीना रावत के नेतृत्व में लोगों को महिलाओं और बच्चों की मानव तस्करी, उत्पीड़न, जबरन मजदूरी, बाल विवाह, बाल श्रम और भिक्षावृत्ति जैसे अपराधों के बारे में जागरूक किया गया।
पुलिस ने आमजन को सतर्क रहने और शादी या नौकरी के नाम पर किसी भी व्यक्ति के झांसे में न आने की सलाह दी। युवाओं और स्कूली बच्चों को बताया गया कि अनजान लोगों द्वारा दिए जाने वाले प्रलोभनों से बचें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना पुलिस को दें।

साइबर अपराध और नशे के खिलाफ अभियान
महिला हेल्पलाइन प्रभारी मीना रावत ने बढ़ते साइबर अपराधों और ऑनलाइन धोखाधड़ी के प्रति लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी। रिपोर्ट के अनुसार, लोगों को AHTU हेल्पलाइन नंबर 7579245340 और साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 की जानकारी दी गई।
साथ ही, पुलिस ने ग्रामीणों से अपील की कि वे नशे से दूर रहें और भांग की खेती न करें। यातायात नियमों का पालन करने की हिदायत भी दी गई।
बाल श्रम और भिक्षावृत्ति की जांच
अभियान के तहत भराड़ी और कपकोट क्षेत्र में होटल, गैराज और अन्य स्थानों पर बाल श्रम और बाल भिक्षावृत्ति की जांच की गई। रिपोर्ट के अनुसार, इस दौरान कोई भी बच्चा जबरन मजदूरी करता नहीं पाया गया।
इस अभियान में जिला प्रशासन की संयुक्त टीम और थाना कपकोट पुलिस भी शामिल रही।



