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उत्तराखंड की पहली साइंस सिटी बनने की ओर बढ़ा देहरादून, राष्ट्रीय विज्ञान दिवस पर मुख्यमंत्री ने किया स्थलीय निरीक्षण
क्या विज्ञान और तकनीक उत्तराखंड के भविष्य को बदल सकते हैं? यह सवाल अब हकीकत में बदलने जा रहा है। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून देश की पांचवीं साइंस सिटी बनने की ओर अग्रसर है, जो राज्य के विज्ञान और तकनीकी विकास में एक नई क्रांति लाएगी। राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने निर्माणाधीन साइंस सिटी परियोजना का स्थलीय निरीक्षण किया और साइंस म्यूजियम का अवलोकन किया।

उत्तराखंड को मिलेगा विज्ञान और नवाचार का नया केंद्र
उत्तराखंड, जो प्राकृतिक संसाधनों से भरपूर एक पर्वतीय राज्य है, अब विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में भी अपनी अलग पहचान बनाने जा रहा है। देहरादून में बन रही साइंस सिटी से वैज्ञानिक जागरूकता को बढ़ावा मिलेगा और छात्रों, शोधकर्ताओं, व विज्ञान प्रेमियों को एक नया मंच मिलेगा। इस परियोजना के पूरा होने पर उत्तराखंड को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विज्ञान एवं नवाचार के क्षेत्र में मान्यता मिलेगी।
डिजिटल इंडिया और तकनीकी क्रांति में उत्तराखंड की भूमिका
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। डिजिटल इंडिया अभियान के तहत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग और क्लाउड कंप्यूटिंग जैसी अत्याधुनिक तकनीकों को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे भारत वैश्विक तकनीकी क्रांति में अग्रणी भूमिका निभाने के लिए पूरी तरह तैयार है। उत्तराखंड भी इस अभियान में पीछे नहीं रहेगा और नई तकनीकों के माध्यम से सरकारी सेवाओं को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाया जाएगा।

साइंस सिटी: युवाओं के लिए भविष्य की नई राह
साइंस सिटी का निर्माण उत्तराखंड के युवाओं के लिए एक बड़ी उपलब्धि होगी। यह न केवल विज्ञान के प्रति रुचि बढ़ाएगी, बल्कि नए स्टार्टअप्स और इनोवेशन को भी प्रोत्साहित करेगी। इस परियोजना से राज्य में विज्ञान आधारित शिक्षा और शोध कार्यों को बढ़ावा मिलेगा, जिससे उत्तराखंड देश के प्रमुख विज्ञान केंद्रों में शामिल हो सकेगा।
आगे की राह
साइंस सिटी परियोजना उत्तराखंड के लिए एक ऐतिहासिक कदम है, जो राज्य को वैज्ञानिक और तकनीकी रूप से आत्मनिर्भर बनाएगी। सरकार इस परियोजना को जल्द से जल्द पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि उत्तराखंड विज्ञान और नवाचार के क्षेत्र में एक नई पहचान बना सके।



