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समाज में बढ़ते अपराध और पोक्सो एक्ट की सख्ती
नाबालिगों के प्रति अपराध समाज के लिए एक गंभीर चिंता का विषय है। ऐसे मामलों में पीड़ितों को न्याय दिलाने और अपराधियों को कानून के दायरे में लाने के लिए पोक्सो एक्ट लागू किया गया है। इस कानून के तहत अपराधियों को कड़ी सजा का प्रावधान है, लेकिन इसके बावजूद नाबालिगों के साथ शोषण की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। हाल ही में उत्तरकाशी जिले में ऐसा ही एक मामला सामने आया, जिसमें एक आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार किया है।
नाबालिग के साथ शोषण का मामला, आरोपी मामा गिरफ्तार
रिपोर्ट्स के अनुसार, कुछ समय पूर्व उत्तरकाशी कोतवाली में एक नाबालिग लड़की के साथ उसके मामा द्वारा किए गए शारीरिक शोषण व दुष्कर्म का मामला दर्ज किया गया था। इस संबंध में धारा 64 BNS तथा 3/4 पोक्सो अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया था। मामला दर्ज होने के बाद से ही आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए फरार हो गया था।
पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर त्वरित कार्रवाई
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक उत्तरकाशी ने अधिकारियों को आरोपी की शीघ्र गिरफ्तारी के निर्देश दिए थे। कोतवाली उत्तरकाशी पुलिस की टीम ने सक्रियता दिखाते हुए आरोपी की लोकेशन ट्रेस की और उसे 26 फरवरी 2025 को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
गिरफ्तारी में शामिल पुलिस टीम
आरोपी को पकड़ने में कोतवाली उत्तरकाशी पुलिस की टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। गिरफ्तारी अभियान में शामिल अधिकारियों के नाम इस प्रकार हैं:
- उप निरीक्षक दीपशिखा, चौकी प्रभारी, बाजार कोतवाली उत्तरकाशी
- हेड कांस्टेबल महिपाल सिंह
- हेड कांस्टेबल नितिन कुमार
पोक्सो एक्ट के तहत कड़ी कार्रवाई जरूरी
पोक्सो एक्ट के तहत दुष्कर्म के मामलों में सख्त सजा का प्रावधान है, लेकिन समाज में ऐसे अपराधों को रोकने के लिए कानूनी कार्रवाई के साथ-साथ जागरूकता भी जरूरी है। पीड़ितों को न्याय दिलाने और अपराधियों को सजा दिलाने के लिए पुलिस की त्वरित कार्रवाई सराहनीय है। अब देखना होगा कि आगे इस मामले में न्यायालय का क्या रुख रहता है।



