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फर्जीवाड़े का जाल: नौकरी के नाम पर लूट रहे ठग
बेरोजगारी की समस्या के बीच नौकरी की तलाश में भटक रहे युवाओं और महिलाओं को ठगों का गिरोह अपना शिकार बना रहा है। हर साल हजारों लोग ठगी का शिकार होते हैं, जहां फर्जी नौकरी दिलाने के नाम पर उनसे मोटी रकम ऐंठी जाती है। इस तरह की घटनाएं न केवल आर्थिक नुकसान पहुंचाती हैं, बल्कि लोगों के भरोसे को भी तोड़ देती हैं। ऐसे ही एक मामले में पिथौरागढ़ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए फरीदाबाद (हरियाणा) से एक आरोपी को गिरफ्तार किया है, जो लंबे समय से फरार चल रहा था।
नौकरी दिलाने के नाम पर 5 लाख की ठगी
प्राप्त जानकारी के अनुसार, दिनांक 26 नवंबर 2022 को थाना बलुवाकोट क्षेत्र की रहने वाली एक महिला ने पुलिस को तहरीर दी थी कि बसंती नगन्याल और पवन सिंह चौहान ने उसे समूह ‘ग’ में सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देकर 5 लाख रुपये की ठगी की। शिकायतकर्ता के अनुसार, दिसंबर 2021 में उसकी मुलाकात बसंती नगन्याल से हुई थी। बसंती ने खुद को एक प्रभावशाली व्यक्ति बताया और कहा कि उसका दोस्त पवन सिंह चौहान पुलिस विभाग में दरोगा के पद पर कार्यरत है।
धोखाधड़ी और धमकी का मामला
महिला का आरोप है कि दोनों आरोपियों ने उसे अपने झांसे में लेकर सरकारी नौकरी लगवाने की गारंटी दी और इसके बदले 5 लाख रुपये ऐंठ लिए। जब पीड़िता ने अपनी रकम वापस मांगी तो उसे जान से मारने की धमकी दी गई। शिकायत मिलने के बाद थाना बलुवाकोट पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए धारा 420 (धोखाधड़ी), 506 (धमकी देना) और 120बी (षड्यंत्र) के तहत मुकदमा दर्ज किया।
गिरफ्तारी और कानूनी कार्रवाई
पुलिस ने पहले ही आरोपियों को नोटिस जारी कर पाबंद किया था, लेकिन मुख्य आरोपी पवन सिंह चौहान लगातार कोर्ट में पेश नहीं हो रहा था। इस पर न्यायालय ने उसके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिया। इसके अलावा, आरोपी पर कुर्की की उद्घोषणा की कार्रवाई भी की गई थी।
एसपी रेखा यादव के निर्देशन में सीओ धारचूला संजय पांडे, सीओ पिथौरागढ़ गोविंद बल्लभ जोशी और सीओ के.एस. रावत के पर्यवेक्षण में एक टीम गठित की गई। थानाध्यक्ष डीडीहाट हरीश सिंह कोरंगा के नेतृत्व में पुलिस ने सर्विलांस की मदद से पवन सिंह चौहान को हरियाणा के फरीदाबाद में थाना फरीदाबाद क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया।
आरोपी के खिलाफ पहले से भी था मामला दर्ज
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, पवन सिंह चौहान के खिलाफ थाना नानकमत्ता (उधमसिंहनगर) में भी धारा 406 (अमानत में खयानत) के तहत मामला दर्ज था, जिसमें पहले भी उसे जेल भेजा गया था। जमानत मिलने के बाद से ही वह फरार चल रहा था।
पुलिस टीम की अहम भूमिका
इस गिरफ्तारी में पुलिस की सक्रियता और सतर्कता ने अहम भूमिका निभाई। इस पूरी कार्रवाई में उ0नि0 हरीश सिंह कोरंगा (थानाध्यक्ष डीडीहाट), कांस्टेबल राजेंद्र कुमार, चालक कांस्टेबल जगदीश प्रसाद और कांस्टेबल कमल तुलेरा (सर्विलांस टीम) ने महत्वपूर्ण योगदान दिया।
बेरोजगार युवाओं के लिए चेतावनी
इस घटना से यह साफ है कि नौकरी दिलाने के नाम पर ठग सक्रिय हैं और वे भोले-भाले लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं। पुलिस लगातार ऐसे अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई कर रही है, लेकिन आम जनता को भी सतर्क रहने की जरूरत है। किसी भी संदिग्ध व्यक्ति पर भरोसा करने से पहले उसकी पृष्ठभूमि की जांच करें और किसी भी प्रकार के लेन-देन में सतर्कता बरतें। यदि किसी के साथ इस तरह की ठगी होती है, तो तत्काल पुलिस से संपर्क करें।



