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महाशिवरात्रि पर खटीमा में सामूहिक विवाह समारोह: नवविवाहित जोड़ों को मिला आशीर्वाद, सरकार की योजनाओं से बेटियों को सशक्त बनाने का संकल्प
भारत में विवाह सिर्फ दो व्यक्तियों का मिलन नहीं, बल्कि दो परिवारों और संस्कृतियों का संगम होता है। लेकिन आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए यह पवित्र बंधन एक बड़ी चुनौती बन जाता है। समाज में समानता और सहयोग को बढ़ावा देने के लिए सामूहिक विवाह जैसी पहलें न केवल गरीब परिवारों को राहत देती हैं, बल्कि सामाजिक एकता को भी मजबूत करती हैं। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए उत्तराखंड सरकार भी इस दिशा में ठोस कदम उठा रही है।

सामूहिक विवाह में पहुंचे मुख्यमंत्री, नवविवाहित जोड़ों को दिया आशीर्वाद
महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर खटीमा के गौरी मंदिर में भव्य सामूहिक विवाह समारोह आयोजित किया गया, जिसमें उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी स्वयं शामिल हुए। इस कार्यक्रम में 25 नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद दिया गया और शगुन भेंट किया गया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, मुख्यमंत्री ने इस मौके पर कहा कि यह आयोजन समाज में सहयोग, समानता और भाईचारे को बढ़ावा देने का प्रतीक है।

बेटियों की सशक्तता पर दिया जोर, सरकार की योजनाओं की जानकारी दी
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने बेटियों की शिक्षा, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता पर बल देते हुए कहा कि सरकार महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध है। रिपोर्ट्स के अनुसार, उन्होंने कहा कि बेटियाँ केवल दो परिवारों का नहीं, बल्कि पूरे समाज का भविष्य उज्जवल बनाती हैं। जब महिलाएँ सशक्त होती हैं, तो पूरा राष्ट्र मजबूत होता है।
उन्होंने यह भी बताया कि सरकार महिलाओं की शिक्षा, स्वरोजगार और आर्थिक स्वतंत्रता के लिए कई कल्याणकारी योजनाएँ चला रही है, ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें और किसी पर निर्भर न रहें।

कन्यादान को बताया महादान, नवविवाहितों के सुखद जीवन की कामना
रिपोर्ट्स के मुताबिक, मुख्यमंत्री ने इस समारोह को एक पवित्र कार्य बताते हुए कहा कि हमारे समाज में कन्यादान को महादान माना गया है। उन्होंने कहा कि इस पुनीत कार्य में सहभागी बनकर उन्हें अपार आनंद की अनुभूति हुई है। उन्होंने सभी नवविवाहितों के सुखद, समृद्ध और मंगलमय दांपत्य जीवन की कामना की।
सामूहिक विवाह क्यों है जरूरी?
आज के समय में महँगे विवाह समारोह कई परिवारों पर भारी आर्थिक बोझ डालते हैं। सामूहिक विवाह कार्यक्रम न केवल इस समस्या का समाधान है, बल्कि सामाजिक एकता और समरसता को भी बढ़ावा देता है। सरकार द्वारा इस तरह की पहल उन परिवारों के लिए वरदान साबित हो रही है, जो अपनी बेटियों की शादी को लेकर आर्थिक चिंता में रहते हैं।

यह जरूरी है कि ऐसे सामूहिक विवाह समारोह केवल एक दिन की खबर बनकर न रह जाएँ, बल्कि सरकार इन्हें और मजबूती से लागू करे। इसके अलावा, जरूरतमंद परिवारों तक विवाह सहायता योजनाओं की जानकारी पहुँचाने के लिए जागरूकता अभियान चलाए जाएँ, ताकि अधिक से अधिक लोग इनका लाभ उठा सकें।



