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देहरादून: सफाई कर्मचारी निकला शातिर चोर, ₹19 लाख की चोरी का पर्दाफाश
हाल ही में देहरादून के बसंत विहार क्षेत्र में एक घर से लाखों की ज्वैलरी और नगदी की चोरी का मामला सामने आया, जिसमें पुलिस ने बेहद चौंकाने वाले खुलासे किए हैं।
चोरी की बड़ी वारदात का खुलासा, सफाई कर्मचारी निकला मास्टरमाइंड
देहरादून के बसंत विहार क्षेत्र में हुई बड़ी चोरी की घटना में पुलिस ने 02 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस जांच में सामने आया कि इस वारदात का मास्टरमाइंड कोई और नहीं, बल्कि नगर निगम में कार्यरत एक सफाई कर्मचारी ही है। आरोपी ने अपने साथी के साथ मिलकर योजनाबद्ध तरीके से घर में सेंध लगाई और करीब 19 लाख रुपये मूल्य की ज्वैलरी, अन्य कीमती सामान और नगदी चोरी कर ली।
कैसे दिया चोरी को अंजाम?
घटना 21 फरवरी 2025 की है, जब पीड़ित अक्षय कपिल अपने परिवार के साथ एक कार्यक्रम के लिए रुड़की गए हुए थे। इसी दौरान सफाई कर्मचारी अंकित ने अपने साथी सूरज साहनी को उनके घर खाली होने की सूचना दी। आरोपियों ने रात के अंधेरे में खिड़की की ग्रिल और जाली तोड़कर घर में घुसकर चोरी की। चोरी के बाद पकड़े जाने के डर से उन्होंने माल को चाय बागान के पास एक खंडहर में छिपा दिया।
सीसीटीवी फुटेज और मुखबिर की सूचना से पकड़ में आए आरोपी
घटना की जानकारी मिलते ही थाना बसंत विहार पुलिस ने 305(A), 331(4) BNS के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस टीम ने इलाके में 35 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और हाल ही में जमानत पर रिहा हुए अपराधियों की लिस्ट बनाई। 25 फरवरी 2025 को मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने दो संदिग्धों को चाय बागान के पास से गिरफ्तार किया। तलाशी के दौरान दोनों के पास से दो हैंडबैग में चोरी की गई ज्वैलरी और नगदी बरामद हुई।
आरोपियों का कबूलनामा
गिरफ्तार सूरज साहनी और अंकित ने पूछताछ में चोरी की बात कबूल ली। अंकित ने बताया कि वह नगर निगम में सफाई कर्मचारी के रूप में काम करता है। सफाई के दौरान उसने पीड़ित परिवार को घर से जाते देखा और तुरंत अपने साथी सूरज को सूचना दी। दोनों ने मिलकर घर में घुसकर वारदात को अंजाम दिया और चोरी का सामान छिपाकर रख दिया था।
चोरी के साथ नशीले पदार्थों की तस्करी में भी शामिल था आरोपी
गिरफ्तार अभियुक्त सूरज साहनी का लंबा आपराधिक इतिहास रहा है। वह पहले भी मादक पदार्थों की तस्करी और अन्य अपराधों में जेल जा चुका है। उसके खिलाफ कई संगीन मामले दर्ज हैं, जिनमें—
- एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला (थाना डालनवाला और क्लेमनटाउन)
- आईपीसी की धारा 148/150/323/504/506 के तहत मामला (थाना बसंत विहार)
- 305(A)/331(4)/317(2) BNS के तहत मामला (थाना बसंत विहार)
पुलिस ने बरामद किया चोरी का माल
पुलिस ने छापेमारी कर निम्न सामान बरामद किया—
✅ सोने-चांदी की ज्वैलरी
✅ अलग-अलग धातुओं की मूर्तियां
✅ यासिका कंपनी का कैमरा
✅ सोने-चांदी के बर्तन (प्लेट, चम्मच व अन्य सामान)
✅ ₹12,000 नगद
बरामद सामान की अनुमानित कीमत 19 लाख रुपये आंकी गई है।
क्या ऐसे अपराधों को रोका जा सकता है?
✔ घर छोड़ने से पहले सुरक्षा के इंतजाम करें – सीसीटीवी कैमरों की मौजूदगी और सिक्योरिटी अलार्म से अपराधियों को पकड़ना आसान होता है।
✔ संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखें – सफाईकर्मियों, गार्ड्स और अन्य घरेलू कर्मचारियों की संदिग्ध गतिविधियों को नज़रअंदाज न करें।
✔ पड़ोसियों से संपर्क बनाए रखें – लंबी गैरमौजूदगी में पड़ोसियों को सूचित करना फायदेमंद हो सकता है।
पुलिस टीम की सराहनीय कार्रवाई
इस केस को सुलझाने में बसंत विहार पुलिस की टीम ने बेहतरीन काम किया। गिरफ्तार आरोपियों को जल्द ही कोर्ट में पेश किया जाएगा।
पुलिस टीम में शामिल अधिकारी
👮 उ.नि. प्रदीप सिंह रावत – थानाध्यक्ष बसंत विहार
👮 उ.नि. नीरज त्यागी – चौकी प्रभारी इंदिरा नगर
👮 का. अनूज, का. मंदीप, का. नीरज
👮 हे.का. किरण कुमार (एसओजी)



