आप को बता दे
उत्तराखंड के दुर्गम क्षेत्रों में मोबाइल नेटवर्क की समस्या लंबे समय से बनी हुई है। खासतौर पर धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों पर संचार सुविधा न होना न केवल श्रद्धालुओं और स्थानीय निवासियों के लिए असुविधाजनक है, बल्कि आपातकालीन स्थितियों में भी बड़ी चुनौती खड़ी करता है। त्यूणी हनोल स्थित महासू महाराज मंदिर में प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं, लेकिन नेटवर्क न होने के कारण वे अपनों से संपर्क नहीं कर पाते। इसी समस्या को दूर करने के लिए प्रशासन ने ठोस कदम उठाए हैं।
हनोल में टावर लगाने पर ही अन्य क्षेत्रों में मिलेगी अनुमति
प्राप्त जानकारी के अनुसार, जिलाधिकारी सविन बंसल ने नेटवर्क समस्या को गंभीरता से लेते हुए टेलीकॉम कंपनियों को निर्देश दिया है कि जब तक त्यूणी हनोल एवं अन्य नेटवर्क-विहीन क्षेत्रों में मोबाइल टावर स्थापित नहीं किए जाते, तब तक उन्हें अन्यत्र टावर लगाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। यह निर्णय मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश के बाद लिया गया है।
मुख्यमंत्री से की गई थी शिकायत
हनोल महासू महाराज मंदिर के दर्शन हेतु पहुंचे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से स्थानीय लोगों ने मोबाइल नेटवर्क की समस्या को लेकर शिकायत की थी। उन्होंने जिलाधिकारी को इस समस्या के शीघ्र समाधान के निर्देश दिए। इसके बाद जिलाधिकारी ने टेलीकॉम कंपनियों को स्पष्ट निर्देश जारी कर दिए हैं।
जल्द होगी मास्टर प्लान बैठक
डीएम बंसल ने घोषणा की है कि जल्द ही हनोल महासू महाराज मंदिर परिसर में मास्टर प्लान को लेकर एक बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें स्थानीय प्रतिनिधि एवं संबंधित विभागों के अधिकारी शामिल होंगे। उप जिलाधिकारी योगेश मेहरा को इस बैठक की तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
मार्च में बहुउद्देशीय शिविर का आयोजन
इसके अलावा, मार्च माह में जिलाधिकारी त्यूणी में रात्रि विश्राम करेंगे और वहीं बहुउद्देशीय शिविर का आयोजन किया जाएगा, जहां स्थानीय लोगों की समस्याओं का मौके पर ही निस्तारण किया जाएगा।
स्थानीय निवासियों में खुशी
प्रशासन की इस पहल से स्थानीय निवासियों में खुशी की लहर है। उम्मीद की जा रही है कि इस फैसले के बाद त्यूणी हनोल में मोबाइल नेटवर्क की समस्या का स्थायी समाधान निकल सकेगा और टेलीकॉम कंपनियां प्राथमिकता से इन इलाकों में टावर स्थापित करेंगी।



