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उत्तरकाशी: साइबर टीम की तत्परता से युवक को वापस मिली 60 हजार की रकम
गलत UPI ट्रांजेक्शन से जा सकती थी पूरी जमापूंजी, पुलिस की मुस्तैदी ने बचाया नुकसान
डिजिटल लेन-देन की बढ़ती सुविधा के साथ ऑनलाइन धोखाधड़ी और गलत ट्रांजेक्शन की घटनाएं भी तेजी से बढ़ रही हैं। कई बार लोग जल्दबाजी में गलत खाते में पैसे भेज देते हैं, जिससे उनकी मेहनत की कमाई खतरे में पड़ जाती है। ऐसे मामलों में जागरूकता और साइबर पुलिस की तत्परता ही आम लोगों की आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित कर सकती है।
गलत UPI ट्रांजेक्शन की शिकायत
उत्तरकाशी जिले के ज्ञानसू निवासी एक युवक के साथ ऐसा ही एक मामला हुआ, जब उसने यूपीआई के माध्यम से 60 हजार रुपये गलत खाते में ट्रांसफर कर दिए। जैसे ही उसे अपनी गलती का अहसास हुआ, उसने तुरंत साइबर सेल उत्तरकाशी में ऑनलाइन शिकायत दर्ज कर पुलिस से सहायता की गुहार लगाई।
साइबर पुलिस की त्वरित कार्रवाई
मामले की गंभीरता को देखते हुए, पुलिस अधीक्षक उत्तरकाशी के निर्देशन में साइबर सेल की टीम ने तत्काल जांच शुरू की। साइबर सेल के कर्मी सुधीर डंगवाल ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 22 फरवरी 2025 को युवक की पूरी धनराशि उसे वापस दिलवाई। रकम वापस मिलने पर पीड़ित युवक ने उत्तरकाशी पुलिस का आभार व्यक्त किया।
साइबर फ्रॉड से बचाव के लिए जरूरी सतर्कता
डिजिटल युग में ऑनलाइन ट्रांजेक्शन आम हो गए हैं, लेकिन छोटी-सी लापरवाही बड़ी आर्थिक हानि का कारण बन सकती है। उत्तरकाशी पुलिस ने आमजन से अपील की है कि यूपीआई या अन्य ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर लेनदेन करते समय पूरी सावधानी बरतें। पैसे ट्रांसफर करने से पहले खाते की सही जांच करें और किसी भी तरह की ऑनलाइन धोखाधड़ी होने पर तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल कर शिकायत दर्ज करें।



