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जनपद रुद्रप्रयाग में सड़क दुर्घटनाओं का डिजिटल समाधान, विवेचकों को मिला ई-डार प्रशिक्षण
सड़क दुर्घटनाएँ न केवल जान-माल की हानि का कारण बनती हैं, बल्कि प्रभावित परिवारों को आर्थिक और मानसिक रूप से तोड़कर रख देती हैं। बढ़ती दुर्घटनाओं के पीछे सड़क की स्थिति, मौसम, वाहन चालकों की लापरवाही और शराब का सेवन जैसे कई कारण होते हैं। इन घटनाओं का प्रभावी अध्ययन और रोकथाम करने के लिए सरकार ने डिजिटल तकनीक को अपनाने का निर्णय लिया है। इसी क्रम में जनपद रुद्रप्रयाग में सड़क दुर्घटनाओं का डेटाबेस तैयार करने और ई-डार (Electronic Detailed Accident Report) एप के प्रभावी उपयोग हेतु सभी विवेचकों को एक दिवसीय प्रशिक्षण दिया गया।

प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन
रुद्रप्रयाग पुलिस लाइन सभागार में आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में डी.आर.एम. हर्ष पाण्डे ने ई-डार एप से संबंधित विस्तृत जानकारी दी। रिपोर्ट्स के अनुसार, जिलाधिकारी की अध्यक्षता में हुई सड़क सुरक्षा समिति की गोष्ठी में निर्णय लिया गया था कि जिले में होने वाली सड़क दुर्घटनाओं का पूरा विवरण डिजिटल रूप से दर्ज किया जाएगा। इसी के तहत पुलिस अधीक्षक के निर्देशानुसार पुलिस उपाधीक्षक यातायात प्रबोध कुमार घिल्डियाल की उपस्थिति में विवेचकों को प्रशिक्षित किया गया।

कैसे करेगा ई-डार एप काम?
प्रशिक्षण के दौरान विवेचकों को इस एप के माध्यम से सड़क दुर्घटनाओं की रिपोर्ट दर्ज करने की प्रक्रिया समझाई गई।
- प्रत्येक दुर्घटना की विस्तृत जानकारी जैसे स्थान, समय, वाहन संख्या, सड़क की स्थिति, मौसम की जानकारी, चालक की स्थिति (शराब सेवन या अन्य कारण) को ऑनलाइन अपडेट किया जाएगा।
- इस डेटा के विश्लेषण से भविष्य में दुर्घटनाओं को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा सकेंगे।
- विवेचकों को उनके मोबाइल में एप डाउनलोड कर इसका लाइव डेमो दिया गया ताकि वे मौके पर ही सभी जानकारी दर्ज कर सकें।
भविष्य में दुर्घटनाओं पर रोकथाम की पहल
पुलिस उपाधीक्षक यातायात ने विवेचकों को निर्देशित किया कि सभी सड़क दुर्घटनाओं का विवरण ई-डार पोर्टल पर अनिवार्य रूप से दर्ज किया जाए। यदि किसी प्रकार की तकनीकी समस्या आती है तो डी.आर.एम. से संपर्क कर समाधान प्राप्त किया जाए। इस डिजिटल पहल से सड़क दुर्घटनाओं की संख्या में कमी लाने और पीड़ितों को शीघ्र न्याय दिलाने में सहायता मिलेगी।



