Sunday, February 15, 2026
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देहरादून: नकली दवा माफियाओं पर बड़ी कार्रवाई, DM की नई समिति करेगी कड़ी कानूनी कार्रवाई

आप को बता दे

क्या आपकी दवाइयाँ असली हैं? नकली दवा कारोबार से जनता की सेहत पर खतरा!

देहरादून में नकली और अपमिश्रित दवाओं का अवैध कारोबार लगातार बढ़ता जा रहा है। कई औषधि निर्माता कंपनियां लाइसेंस प्राप्त होने के बावजूद गलत तरीके से नकली दवाइयों का निर्माण कर रही हैं। ये दवाएँ मरीजों के लिए न सिर्फ बेअसर होती हैं बल्कि कई बार गंभीर स्वास्थ्य समस्याएँ भी पैदा कर सकती हैं। इस बढ़ते खतरे को देखते हुए जिला प्रशासन ने अब बड़ी कार्रवाई की योजना बनाई है।

DM की नई समिति करेगी सख्त कार्रवाई

मिली जानकारी के अनुसार, माननीय मुख्यमंत्री के निर्देशों पर जिलाधिकारी सविन बंसल ने नकली दवा निर्माण और बिक्री में लिप्त कंपनियों पर शिकंजा कसने के लिए एक विशेष समिति का गठन किया है। इस समिति में उप जिलाधिकारी (SDM), पुलिस क्षेत्राधिकारी (CO), और औषधि निरीक्षक को शामिल किया गया है। यह समिति जिले में स्थित उन फार्मा कंपनियों और मेडिकल स्टोर्स की जांच करेगी जो नकली, अपमिश्रित और अवैध रूप से तैयार की गई औषधियों की बिक्री कर रही हैं।

जनता के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा

नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो और पुलिस की रिपोर्ट के मुताबिक, देहरादून जिले में कई फार्मा कंपनियां नकली ब्रांडेड दवाइयों और प्रतिबंधित औषधियों का उत्पादन कर रही हैं। इन दवाओं की सप्लाई न सिर्फ मेडिकल स्टोर्स तक सीमित है, बल्कि खुले बाजार में भी बेची जा रही है। इसके चलते आम जनता विशेषकर युवा और छात्र नशे की लत के शिकार हो रहे हैं।

किन धाराओं में होगी कार्रवाई?

समिति इन अवैध गतिविधियों में लिप्त कंपनियों और मेडिकल स्टोर्स पर भारतीय दंड संहिता 2023 की धारा 105 बी, 276, 277, 278 एवं औषधि और प्रसाधन सामग्री अधिनियम-1940 की धारा 17, 17ए, 17बी, 18, 27, 28ए के तहत कार्रवाई करेगी। इसके अलावा, स्वापक औषधि और मन: प्रभावी पदार्थ अधिनियम 1985 की धारा-9ए, 25ए, 22, 29, 38 के तहत भी सख्त कदम उठाए जाएंगे।

DM का सख्त निर्देश: होगी कड़ी सजा

डीएम सविन बंसल ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई औषधि निर्माता कंपनी या मेडिकल स्टोर नकली या अवैध दवाइयों के कारोबार में संलिप्त पाया जाता है, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करते हुए लाइसेंस भी निरस्त किया जाएगा। जिला प्रशासन ने यह भी निर्देश दिए हैं कि समय-समय पर औषधि निरीक्षकों द्वारा आकस्मिक निरीक्षण किया जाएगा ताकि किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधियों पर रोक लगाई जा सके।

सरकार और प्रशासन की अपील

जिला प्रशासन ने आम जनता से भी अपील की है कि यदि उन्हें कहीं भी नकली दवाओं की बिक्री या अवैध रूप से नशे की गोलियां बिकते हुए दिखाई दें तो तुरंत प्रशासन को सूचित करें। यह कदम लोगों के स्वास्थ्य और जिले की कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए बेहद जरूरी है।

 

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