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टिहरी गढ़वाल: मृतक पुलिसकर्मियों के आश्रितों को मिला नियुक्ति पत्र, 20 अभ्यर्थियों ने जनपद में कराई आमद
मृतक आश्रितों की नियुक्ति से जुड़ा बड़ा कदम
कई बार कर्तव्य की वेदी पर अपने प्राण न्योछावर करने वाले पुलिसकर्मियों के परिवार पीछे छूट जाते हैं, उनकी आर्थिक स्थिति डगमगाने लगती है, और भविष्य अनिश्चित हो जाता है। पुलिस विभाग के मृतक आश्रित कोटे के तहत उनके परिवारों को रोजगार देकर राहत देने की कोशिश की जाती है, ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें और अपने जीवन को फिर से संवार सकें। इसी कड़ी में टिहरी गढ़वाल में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है।
89 मृतक आश्रित अभ्यर्थियों को मिला नियुक्ति पत्र, 20 ने टिहरी गढ़वाल में कराई आमद

प्राप्त जानकारी के अनुसार, आज दिनांक 20 फरवरी 2025 को प्रदेशभर में 89 मृतक आश्रित अभ्यर्थियों को पुलिस विभाग द्वारा नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए। इनमें से 20 अभ्यर्थियों ने जनपद टिहरी गढ़वाल में अपनी आमद दर्ज कराई है। यह नियुक्तियां उन पुलिसकर्मियों के परिवारों को आर्थिक संबल देने के उद्देश्य से की गई हैं, जिन्होंने अपने कर्तव्य का पालन करते हुए अपने प्राण गवां दिए।
एसएसपी टिहरी गढ़वाल ने सौंपे नियुक्ति पत्र
जनपद टिहरी गढ़वाल में नियुक्त 20 अभ्यर्थियों को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आयुष अग्रवाल ने पुलिस कार्यालय के सभागार में नियुक्ति पत्र प्रदान किए। इस दौरान उन्होंने नए आरक्षियों को शुभकामनाएं दीं और उन्हें अनुशासन व निष्ठा के साथ अपनी सेवा देने की प्रेरणा दी। इसके साथ ही उन्होंने मृतक पुलिसकर्मियों के बलिदान को याद करते हुए उनके योगदान को सम्मानपूर्वक नमन किया।

30 दिवसीय प्रशिक्षण अनिवार्य
पुलिस विभाग के अनुसार, इन नव नियुक्त आरक्षियों के लिए 30 दिवसीय प्रारंभिक परिचयात्मक प्रशिक्षण (JTC) का आयोजन रिजर्व पुलिस लाइन, चंबा में किया जाएगा। इस प्रशिक्षण के बाद उन्हें विभिन्न पुलिस इकाइयों में तैनात किया जाएगा।
नियुक्ति से परिवारों को राहत
यह नियुक्ति निस्संदेह मृतक आश्रित परिवारों के लिए राहत लेकर आई है, लेकिन सवाल यह उठता है कि क्या यह कदम उनके संपूर्ण पुनर्वास के लिए पर्याप्त है? कई बार मृतक आश्रितों को अपनी नियुक्ति प्रक्रिया में सालों इंतजार करना पड़ता है। सरकार और पुलिस प्रशासन को यह सुनिश्चित करने की आवश्यकता है कि इस प्रक्रिया में कोई देरी न हो, ताकि शहीद पुलिसकर्मियों के परिवार जल्द से जल्द आर्थिक संकट से बाहर आ सकें।



