Monday, February 16, 2026
Google search engine
Homeउत्तराखंड देहरादून: महिला ने पति संग बुजुर्ग की हत्या, शव देवबंद नहर में...

 देहरादून: महिला ने पति संग बुजुर्ग की हत्या, शव देवबंद नहर में फेंका, पुलिस जांच में चौंकाने वाले खुलासे

आप को बता दे

देहरादून में बुजुर्ग की गुमशुदगी से हत्या तक: पुलिस जांच में चौंकाने वाला खुलासा

क्या सुरक्षित हैं हमारे बुजुर्ग? एक सुनियोजित साजिश ने ली मासूम जान

आजकल अपराधी किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं। बुजुर्गों को निशाना बनाकर अपराध करने के मामले लगातार बढ़ रहे हैं, और हाल ही में देहरादून में एक ऐसी घटना सामने आई जिसने सभी को झकझोर दिया। अपहरण की गुत्थी सुलझाते हुए पुलिस को ऐसे खुलासे मिले जिन्होंने इस मामले को एक जघन्य हत्या में बदल दिया। पुलिस जांच में पता चला कि हत्या के पीछे एक महिला, उसका पति और उनके साथी शामिल थे, जो पहले से ही इस अपराध की साजिश रच रहे थे।


गुमशुदगी से हत्या तक – पुलिस जांच में हुआ सनसनीखेज खुलासा

देहरादून के पटेलनगर थाना क्षेत्र में एक बुजुर्ग व्यक्ति की गुमशुदगी का मामला दर्ज हुआ था, जो बाद में हत्या का मामला निकला। रिपोर्ट के अनुसार, 7 फरवरी 2025 को निधि राठौर ने अपने पिता की गुमशुदगी दर्ज कराई थी। उनके पिता श्यामलाल अपनी स्प्लेंडर मोटरसाइकिल (यूके-07-डीटी-1685) से घर से निकले थे और वापस नहीं लौटे। परिवार ने उन्हें हर संभावित स्थान पर खोजा, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिली।

जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि श्यामलाल ने घर से निकलने से पहले ‘गीता’ नाम की महिला से फोन पर बातचीत की थी। इसके बाद सर्विलांस से यह जानकारी सामने आई कि उनकी और गीता के फोन की लोकेशन एक ही स्थान पर थी। पुलिस टीम ने जब इस दिशा में जांच को आगे बढ़ाया, तो चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। गीता और उसका पति हिमांशु अपने घर से फरार थे और उनके फोन भी बंद थे।


हत्या की सुनियोजित साजिश – आरोपी महिला और उसका पति फरार

पुलिस ने जब इस मामले की तहकीकात की, तो पता चला कि श्यामलाल की हत्या एक सुनियोजित साजिश का हिस्सा थी। पूछताछ के दौरान गिरफ्तार अभियुक्तों ने कबूल किया कि गीता ने अपने पति हिमांशु चौधरी के साथ मिलकर इस अपराध को अंजाम दिया।

हत्या के बाद शव को ठिकाने लगाने के लिए गीता और हिमांशु ने अपने साथियों को बुलाया। देवबंद, सहारनपुर निवासी धनराज चावला और अजय कुमार इस साजिश में शामिल थे। पुलिस ने जब सर्विलांस के आधार पर संदिग्ध नंबरों की जांच की, तो पता चला कि गीता और उसके पति ने हत्या के बाद इन दोनों से संपर्क किया था। पुलिस ने देवबंद में दबिश देकर अजय और धनराज को गिरफ्तार कर लिया।

पूछताछ में उन्होंने बताया कि हत्या के बाद शव को प्लास्टिक के कट्टे में बांधकर कार की डिग्गी में रखा गया और देवबंद ले जाकर साखन नहर में फेंक दिया। ताकि पुलिस को गुमराह किया जा सके, उन्होंने मृतक की मोटरसाइकिल को आईएसबीटी बस अड्डे के पास खड़ा कर दिया और उसकी नंबर प्लेट हटा दी।


हत्या में शामिल आरोपी एमबीबीएस छात्र, पुलिस ने दबिश तेज की

इस मामले में मुख्य आरोपी हिमांशु चौधरी देहरादून के एक प्रतिष्ठित मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस का छात्र है। फिलहाल, वह और उसकी पत्नी गीता फरार हैं। पुलिस उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दे रही है।

गिरफ्तार अभियुक्तों को अदालत में पेश कर तीन दिन की पुलिस कस्टडी रिमांड ली गई है। पुलिस अब हत्या में इस्तेमाल किए गए साक्ष्यों को जुटाने और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम बनाकर काम कर रही है।


गिरफ्तार आरोपी:

  1. अजय कुमार – निवासी कायस्थ वाडा, सनी कॉलोनी, मुकरबा रोड, देवबंद, सहारनपुर (उम्र 22 वर्ष)
  2. धनराज चावला – निवासी कैलाशपुर कॉलोनी, थाना देवबंद, सहारनपुर (उम्र 30 वर्ष)

फरार आरोपी:

  1. गीता – पत्नी हिमांशु चौधरी
  2. हिमांशु चौधरी – निवासी नई बस्ती, सुनहरा रोड, रुड़की, हरिद्वार

बरामद सामान:

  1. मृतक की स्प्लेंडर मोटरसाइकिल
  2. मोटरसाइकिल के दस्तावेजों की छायाप्रति

क्या इस तरह के अपराधों को रोकने के लिए कड़े कानूनों की जरूरत है?

इस तरह की घटनाएं समाज के लिए चिंता का विषय बनती जा रही हैं। क्या हमारे बुजुर्ग अब अपने ही शहर में सुरक्षित नहीं हैं? क्या कानूनों में और सख्ती की जरूरत है? समाज को चाहिए कि ऐसे मामलों पर गंभीरता से विचार करे और समय रहते अपराधियों को सजा दिलाने के लिए जागरूकता फैलाए।


RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments