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शीतोष्ण फलों की खेती को मिलेगी नई दिशा, चौबटिया में बनेगा सेंटर ऑफ एक्सीलेंस
क्या उत्तराखंड की बागवानी को मिलेगा नया जीवन?
उत्तराखंड में शीतोष्ण फलों की खेती वर्षों से पारंपरिक तरीकों पर निर्भर रही है। राज्य के किसान अक्सर विपरीत मौसम, तकनीकी ज्ञान की कमी और विपणन संबंधी समस्याओं से जूझते हैं। ऐसे में आधुनिक तकनीकों और शोध के अभाव में प्रदेश का बागवानी क्षेत्र पूरी क्षमता से विकसित नहीं हो सका। लेकिन अब इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है, जिससे न केवल बागवानी को नई दिशा मिलेगी, बल्कि किसानों की आय भी बढ़ेगी।
चौबटिया में बनेगा सेंटर ऑफ एक्सीलेंस
प्राप्त जानकारी के अनुसार, उत्तराखंड के कृषि एवं कृषक कल्याण विभाग की पहल पर भारत सरकार ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय राजकीय उद्यान, चौबटिया (अल्मोड़ा) में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर टैम्परेट फ्रूट (शीतोष्ण फलों के लिए उत्कृष्टता केंद्र) की स्थापना को मंजूरी दे दी है। इस परियोजना के लिए 671.62 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं, जिसका आधिकारिक आदेश जारी किया जा चुका है।
यह परियोजना भारत सरकार की केंद्र पोषित बागवानी मिशन योजना के तहत इण्डो-डच नीदरलैंड वर्किंग ग्रुप के सहयोग से क्रियान्वित की जाएगी। इसमें सेब, आड़ू, नाशपाती, प्लम और अखरोट जैसी शीतोष्ण फसलों के उन्नत उत्पादन के लिए आधुनिक तकनीकों को अपनाया जाएगा।
उन्नत खेती और अनुसंधान को मिलेगा बढ़ावा
परियोजना के तहत आधारभूत संरचनाओं का विकास किया जाएगा, जिसमें ट्रेंनिंग हॉस्टल, सिंचाई प्रणाली, पॉलीहाउस, सॉर्टिंग-ग्रेडिंग यूनिट, प्रदर्शन प्रखंड और कोल्ड रूम शामिल होंगे। इसके अलावा, राज्य सरकार द्वारा मृदा परीक्षण प्रयोगशाला की भी स्थापना की जाएगी, जिससे वैज्ञानिक आधार पर खेती को बढ़ावा दिया जा सके।
यह उत्कृष्टता केंद्र किसानों को आधुनिक कृषि पद्धतियों का प्रशिक्षण देने के साथ-साथ अनुसंधान और फसल उत्पादन में नवीन तकनीकों के उपयोग पर भी कार्य करेगा। इससे न केवल उत्पादन में वृद्धि होगी, बल्कि किसानों को अपनी फसलों के लिए उचित बाजार मूल्य प्राप्त करने में भी सहायता मिलेगी।
किसानों के लिए कैसे होगा फायदेमंद?
उत्तराखंड के कृषि मंत्री के अनुसार, यह परियोजना प्रदेश के किसानों के लिए एक मील का पत्थर साबित होगी। इससे किसानों को नवीनतम तकनीकों, वैज्ञानिक अनुसंधान और आधुनिक खेती के तरीकों की जानकारी मिलेगी, जिससे वे अपनी आय को बढ़ा सकेंगे।
राजकीय उद्यान चौबटिया, जो पहले से ही अपने बागवानी अनुसंधान के लिए प्रसिद्ध है, अब सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में और भी विकसित होगा। इससे उत्तराखंड में सेब, नाशपाती, आड़ू, खुबानी और अन्य शीतोष्ण फलों के उत्पादन को नई गति मिलेगी।
कृषि क्षेत्र में ऐतिहासिक कदम
यह परियोजना उत्तराखंड के किसानों के लिए एक नई उम्मीद लेकर आई है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे प्रदेश में उन्नत बागवानी को बढ़ावा मिलेगा और किसानों को अपने उत्पादों की बेहतर मार्केटिंग के अवसर मिलेंगे। राज्य सरकार द्वारा लिए गए इस निर्णय से न केवल स्थानीय स्तर पर कृषि क्षेत्र का विकास होगा, बल्कि यह प्रदेश की आर्थिकी को भी सशक्त करेगा।



