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उत्तराखंड में शराब तस्करी पर शिकंजा: पौड़ी पुलिस ने हरियाणा के दो फरार तस्करों को किया गिरफ्तार
अवैध शराब तस्करी: नशे के जाल में फंसते पहाड़
उत्तराखंड में बढ़ती शराब तस्करी न केवल स्थानीय आबादी के लिए खतरा बन रही है, बल्कि देवभूमि की शांति और सुरक्षा को भी प्रभावित कर रही है। पहाड़ी इलाकों में बाहरी राज्यों से अवैध रूप से शराब लाई जा रही है, जिससे युवा वर्ग पर इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। सरकार ने “ड्रग फ्री देवभूमि 2025” का लक्ष्य रखा है, लेकिन तस्करों के बढ़ते नेटवर्क के कारण यह चुनौतीपूर्ण बनता जा रहा है।
रामकुंड चेकपोस्ट पर बड़ी कार्रवाई, हरियाणा के दो तस्कर गिरफ्तार
मिल रही जानकारी के अनुसार, उत्तराखंड पुलिस द्वारा लगातार शराब तस्करों पर नकेल कसने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में पौड़ी पुलिस ने रामकुंड चेकपोस्ट पर 10 जनवरी 2025 को एक बोलेरो पिकअप (UP 81BT-0322) को रोका। पुलिस को देखते ही वाहन चालक भाग गया, जिससे शक गहरा गया। वाहन की तलाशी लेने पर अलग से बने चेंबर में छिपाकर रखी गई 20 पेटी मैकडॉवेल No. 01 शराब (Mark for Sale in Punjab) बरामद हुई।
शातिर तस्कर लगातार बदल रहे थे ठिकाने
वाहन चालक मौके से फरार हो गया था, लेकिन पुलिस ने लगातार छानबीन जारी रखी। आरोपी बार-बार अपना मोबाइल नंबर और ठिकाना बदल रहा था, जिससे गिरफ्तारी में बाधा आ रही थी। पुलिस की कई टीमों ने आरोपी को पकड़ने के लिए हरियाणा तक सर्च ऑपरेशन चलाया।
हरियाणा के करोड़ा गांव से पकड़े गए शराब तस्कर
पुलिस अधीक्षक पौड़ी के निर्देशन में एवं अपर पुलिस अधीक्षक कोटद्वार व क्षेत्राधिकारी श्रीनगर के पर्यवेक्षण में देवप्रयाग पुलिस टीम ने अथक प्रयासों से हरियाणा के ग्राम करोड़ा, जिला कैथल से दो फरार अभियुक्तों – विकास (26 वर्ष) और सुनील को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपी और कानूनी कार्रवाई
- विकास (26 वर्ष), पुत्र बीरा, निवासी ग्राम करोड़ा, थाना पुण्डारी, जिला कैथल, हरियाणा – उक्त पिकअप वाहन का चालक था। उसे न्यायालय में पेश कर आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
- सुनील, पुत्र रामचंद्र, निवासी करोड़ा, हरियाणा – उसे 35 बीएनएसएस के तहत नोटिस देकर कानूनी प्रक्रिया अपनाई गई।
पूर्व में दर्ज मामला
- मुकदमा संख्या 01/2025, धारा 60 (1)/72 आबकारी अधिनियम के तहत दर्ज।
बरामद सामग्री
- 20 पेटी अवैध अंग्रेजी शराब (बोलेरो पिकअप संख्या UP 81BT-0322 में)।
पुलिस टीम की भूमिका
इस सफलता में अपर उपनिरीक्षक प्रदीप बिष्ट, मुख्य आरक्षी बुद्धी बल्लभ, और मुख्य आरक्षी इकबाल (CIU श्रीनगर) की अहम भूमिका रही।
कानून व्यवस्था की सख्ती जारी रहेगी
उत्तराखंड पुलिस अवैध शराब तस्करी को रोकने के लिए सख्त कार्रवाई कर रही है। प्रशासन द्वारा जनता से अपील की गई है कि अगर कहीं भी अवैध शराब तस्करी या नशे के व्यापार की सूचना मिले, तो तुरंत पुलिस को सूचित करें। इससे समाज को नशे के जाल से बचाया जा सकता है और “ड्रग फ्री देवभूमि 2025” के लक्ष्य को हासिल करने में मदद मिलेगी।



