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देश की रक्षा के लिए प्राण न्यौछावर करने वाले जवानों की कुर्बानी को कभी भुलाया नहीं जाएगा
देहरादून, 14 फरवरी। देश में पुलवामा आतंकी हमले की छठवीं बरसी पर शहीद जवानों की स्मृति में श्रद्धांजलि सभाओं का आयोजन किया गया। इस हमले ने पूरे देश को झकझोर दिया था, जब 14 फरवरी 2019 को जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले में हुए आत्मघाती हमले में सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हो गए थे। यह हमला देश की सुरक्षा व्यवस्था और आतंकवाद से निपटने की रणनीतियों पर सवाल खड़ा करने वाला था। हालांकि, भारत ने इस हमले का कड़ा जवाब देते हुए 26 फरवरी 2019 को पाकिस्तान के बालाकोट में एयर स्ट्राइक कर आतंकियों के ठिकानों को ध्वस्त किया था।

उत्तराखंड में शहीदों को श्रद्धांजलि
उत्तराखंड के सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने शुक्रवार को देहरादून स्थित सैनिक कल्याण निदेशालय में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में शहीदों को नमन किया। इस दौरान उन्होंने पुष्प चक्र अर्पित कर वीर जवानों को श्रद्धांजलि दी। कार्यक्रम में कई पूर्व सैनिक, सैन्य अधिकारी और गणमान्य लोग भी उपस्थित रहे।
‘भारत की ताकत को हल्के में लेने की भूल नहीं करेगा दुश्मन’
मीडिया से बातचीत में सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने पुलवामा हमले को याद करते हुए कहा कि इस हमले के बाद भारत ने आतंकवाद के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया और बालाकोट एयर स्ट्राइक के जरिए अपने जवानों की शहादत का बदला लिया। उन्होंने कहा, “बालाकोट एयर स्ट्राइक भारत की सैन्य शक्ति और दृढ़ संकल्प का प्रमाण है। अब कोई भी शत्रु राष्ट्र भारत की ताकत को हल्के में लेने की भूल नहीं करेगा।”

उत्तराखंड के दो वीर सपूत भी हुए थे शहीद
गणेश जोशी ने कहा कि पुलवामा हमले में शहीद हुए 40 जवानों में उत्तराखंड के दो बहादुर सपूत भी शामिल थे। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड वीरता और सैन्य परंपरा के लिए जाना जाता है, और यहां के जवानों का शौर्य हमेशा प्रेरणादायक रहेगा।
शहीदों के परिजनों के लिए सरकार प्रतिबद्ध
मंत्री ने कहा कि सरकार शहीदों के सम्मान में कई महत्वपूर्ण योजनाएं चला रही है और शहीदों के परिजनों की सहायता के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि समाज को भी शहीदों के परिवारों के प्रति संवेदनशील रहना चाहिए और हर संभव सहयोग करना चाहिए।
सैन्य अधिकारियों ने भी किया संबोधित
श्रद्धांजलि सभा को मेजर जनरल पीएस राणा, निदेशक सैनिक कल्याण ब्रिगेडियर अमृत लाल, कर्नल आरएस भंडारी समेत कई सैन्य अधिकारियों ने संबोधित किया। इस दौरान मेजर जनरल पीएस राणा, ब्रिगेडियर जेएनएस बिष्ट, कर्नल मोहन थपलियाल, कर्नल सतीश चंद्र शर्मा, प्रदीप रावत, सुरेंद्र राणा, ज्योति कोटिया, विनय गुप्ता, मोहन बहुगुणा और अन्य पूर्व सैनिक उपस्थित रहे।
देशभक्ति का संकल्प दोहराने की जरूरत
इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि पुलवामा हमले जैसी घटनाएं देश की सुरक्षा के लिए सतर्क रहने की आवश्यकता को दर्शाती हैं। उन्होंने युवाओं से देशभक्ति का संकल्प लेने और सेना में भर्ती होकर राष्ट्र की सेवा करने की अपील की।



