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नकली गोल्ड लोन घोटाला: देहरादून पुलिस के शिकंजे में उत्तर प्रदेश के दो शातिर अपराधी
बैंकों में लोन धोखाधड़ी के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। अपराधी नई-नई तकनीकों से बैंकिंग सिस्टम को चकमा देकर लाखों-करोड़ों का लोन लेकर फरार हो रहे हैं। इससे न केवल बैंकिंग संस्थान आर्थिक नुकसान झेल रहे हैं, बल्कि ईमानदार ग्राहकों की लोन प्रक्रिया भी प्रभावित हो रही है। देहरादून पुलिस ने हाल ही में ऐसा ही एक बड़ा खुलासा किया है, जिसमें नकली सोने के गहनों से लोन लेने की साजिश रचने वाले दो अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है।
ऋषिकेश में ICICI बैंक को चूना लगाने की कोशिश, पुलिस ने पकड़ा
मामला उत्तराखंड के जनपद देहरादून के ऋषिकेश का है, जहां ICICI बैंक में नकली सोने के गहने गिरवी रखकर लोन लेने की कोशिश की गई। रिपोर्ट्स के अनुसार, 13 फरवरी 2025 को सुरेंद्र और संतोष जनक नाम के दो व्यक्ति ऋषिकेश स्थित ICICI बैंक की शाखा में पहुंचे। वे बैंक को 02 कंगन, 01 जोड़ी झुमकी और 01 ब्रेसलेट गिरवी रखकर गोल्ड लोन लेना चाहते थे। लेकिन जब बैंक के गोल्ड लोन एक्सपर्ट हिमांशु रस्तोगी ने गहनों की जांच की, तो वे नकली निकले। बैंक प्रबंधक रमन सचदेवा ने तत्काल इसकी सूचना पुलिस को दी।
पहले भी कर चुके थे बैंक से लाखों की ठगी
जांच में पता चला कि यह पहली बार नहीं था जब इन आरोपियों ने बैंक को चकमा देने की कोशिश की थी। इससे पहले भी आरोपी सुरेंद्र ने 3,36,000 रुपये और संतोष जनक ने 8,03,175 रुपये का लोन नकली सोने के गहनों के आधार पर लिया था। पुलिस ने तत्काल कोतवाली ऋषिकेश में मुकदमा संख्या 83/2025 के तहत धारा 318(4)/3(5) बीएनएस में मामला दर्ज किया और जांच शुरू की।
पुलिस की तत्परता से आरोपी दबोचे गए
मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून ने तत्काल गिरफ्तारी के आदेश दिए। ऋषिकेश कोतवाली पुलिस ने छानबीन कर 13 फरवरी 2025 को दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार अपराधियों की पहचान:
- सुरेंद्र पुत्र भगवान सिंह – निवासी विनोद विहार कॉलोनी, छिद्दरवाला, देहरादून। स्थायी पता: ग्राम बजेरा, थाना बरसाना, जिला मथुरा, उत्तर प्रदेश। उम्र: 21 वर्ष।
- संतोष जनक पुत्र विजयेंद्र सिंह – निवासी फरह वार्ड 1, शाही सराय फतेहा, मथुरा, उत्तर प्रदेश। उम्र: 31 वर्ष।
अपराधियों ने खुद कबूली ठगी की साजिश
पूछताछ के दौरान आरोपी संतोष जनक ने स्वीकार किया कि वह पहले आगरा में गाइड का काम करता था, जहां उसकी मुलाकात राजेंद्र नाम के व्यक्ति से हुई। राजेंद्र लेबरी (सोने के नकली गहने बनाने) का काम करता था। दोनों ने मिलकर नकली सोने के गहनों से बैंक से गोल्ड लोन लेने की योजना बनाई। इस बार भी वे उसी रणनीति के साथ ऋषिकेश आए थे, लेकिन पुलिस की मुस्तैदी के चलते पकड़े गए।
बरामदगी और आगे की कार्रवाई
पुलिस ने आरोपियों के पास से 02 कंगन, 01 जोड़ी झुमकी और 01 ब्रेसलेट (नकली सोने के) बरामद किए हैं। फिलहाल, उनके आपराधिक इतिहास की गहराई से जांच की जा रही है।
गिरफ्तारी में शामिल पुलिस टीम:
- उपनिरीक्षक बिनेश कुमार
- हेड कांस्टेबल कमल जोशी (SOG)
- कांस्टेबल मनोज कुमार (SOG)
- कांस्टेबल सोनी कुमार (SOG)
- कांस्टेबल अंशुल कुमार
बैंकिंग फ्रॉड से रहें सतर्क!
यह मामला दर्शाता है कि अपराधी बैंकिंग सिस्टम को ठगने के लिए नए-नए तरीके अपना रहे हैं। नकली दस्तावेज़ और नकली ज्वेलरी का उपयोग करके लोन लेना अब आम हो चुका है। बैंक प्रबंधन और ग्राहकों को भी सतर्क रहने की जरूरत है। बैंकों को चाहिए कि वे लोन से पहले गहनों की गहन जांच करें और आधुनिक तकनीक का उपयोग करें, ताकि इस तरह की ठगी को रोका जा सके।



