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भिक्षावृत्ति मुक्त देहरादून की ओर बड़ा कदम: जिला प्रशासन और बैगर्स कार्पोरेशन के बीच एमओयू
देहरादून, 13 फरवरी 2025 – क्या भिक्षावृत्ति एक मजबूरी है या सामाजिक विफलता? सड़कों पर हाथ फैलाए लोगों को देखकर मन में यह सवाल उठता है कि आखिर यह समस्या कब खत्म होगी? उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में इस स्थिति को बदलने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। जिला प्रशासन और बैगर्स कार्पोरेशन लि0 के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता (एमओयू) हुआ है, जिसका उद्देश्य शहर को भिक्षावृत्ति मुक्त बनाना और प्रभावित लोगों को मुख्यधारा में लाना है।
समझौते का उद्देश्य और प्रमुख पहल
प्राप्त जानकारी के अनुसार, देहरादून को भिक्षावृत्ति मुक्त करने के लिए जिलाधिकारी के नेतृत्व में यह पहल शुरू की गई है। इस एमओयू के तहत भिक्षावृत्ति में संलिप्त वयस्कों की पहचान कर उन्हें कौशल विकास प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें।
मुख्य विकास अधिकारी एवं जिला समाज कल्याण अधिकारी पिछले तीन माह से इस परियोजना को अमल में लाने के लिए प्रयासरत थे। अंततः आज इस परियोजना को जमीन पर उतार दिया गया है।
कैसे होगा भिक्षावृत्ति उन्मूलन?
समाज कल्याण विभाग के अनुसार, इस योजना के तहत भिक्षावृत्ति में संलिप्त व्यक्तियों को रेस्क्यू किया जाएगा और उनकी क्षमताओं का आकलन कर विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रमों में शामिल किया जाएगा।
- सिलाई, हस्तशिल्प, भोजन निर्माण जैसे कौशल सिखाए जाएंगे।
- प्रशिक्षित व्यक्तियों को व्यवसाय स्थापित करने में सहायता दी जाएगी।
- होटल, दुकानों और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से उत्पाद विपणन की व्यवस्था की जाएगी।
- शुरुआती फंडिंग या माइक्रोलोन के माध्यम से वित्तीय सहायता दी जाएगी।
बैगर्स कार्पोरेशन की भूमिका
बैगर्स कार्पोरेशन के सीईओ चन्द्र मिश्रा ने बताया कि विभिन्न समाचार माध्यमों के जरिए देहरादून प्रशासन के प्रयासों की जानकारी मिली थी, जिसके बाद जिला प्रशासन को सहयोग का प्रस्ताव दिया गया। इस पहल में बैगर्स कार्पोरेशन अन्य बड़े शहरों में पहले से कार्य कर रही है और अब देहरादून में भी अपनी सेवाएं देने को तत्पर है।
प्रशासन की प्रतिबद्धता
जिलाधिकारी ने बताया कि इस परियोजना की सतत निगरानी की जाएगी ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि प्रशिक्षित व्यक्ति आत्मनिर्भर बनें और पुनः भिक्षावृत्ति में न लौटें। उन्होंने बैगर्स कार्पोरेशन से इस अभियान में पूर्ण सहयोग की अपेक्षा भी जताई।
समाज पर प्रभाव और आगे की राह
इस पहल से न केवल भिक्षावृत्ति उन्मूलन की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं, बल्कि इससे प्रभावित लोगों को एक नया जीवन देने का भी प्रयास किया जा रहा है।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, मुख्य शिक्षा अधिकारी विनोद कुमार ढौंडियाल, जिला समाज कल्याण अधिकारी पूनम चमोली, बैगर्स कार्पोरेशन के सीईओ चन्द्र मिश्रा समेत अन्य अधिकारी एवं सहयोगी उपस्थित रहे।



