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जनपद देहरादून: डीएम ने लिया सख्त फैसला, सुद्धोवाला वाईन एवं बीयर शॉप का लाइसेंस किया निरस्त
क्या शराब की दुकानें आवासीय इलाकों में होना उचित है?
शराब की बिक्री से जुड़े विवाद अक्सर समाज में असंतोष और असुरक्षा की भावना को जन्म देते हैं। खासकर जब शराब की दुकानें रिहायशी इलाकों, शैक्षणिक संस्थानों या धार्मिक स्थलों के नजदीक खुलती हैं, तब स्थानीय लोग विरोध में उतर आते हैं। कई बार महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ जाती है। ऐसे मामलों में प्रशासन की भूमिका महत्वपूर्ण हो जाती है, जो जनभावना के अनुरूप निर्णय लेकर कानून और व्यवस्था बनाए रखने का कार्य करता है।

डीएम ने लिया सख्त एक्शन, लाइसेंस किया निरस्त
प्राप्त जानकारी के अनुसार, देहरादून जिलाधिकारी सविन बंसल ने आबकारी अधिनियम 1910 की धारा 34 एवं 59 में प्रदत्त विशेष शक्तियों का उपयोग करते हुए सुद्धोवाला में स्थित Your Daily Basket Departmental Store के शराब लाइसेंस को निरस्त करने का आदेश दिया है। यह लाइसेंस संख्या 84/2024-25, दिनांक 25-10-2024 के तहत जारी किया गया था।
स्थानीय विरोध और जनभावना बनी कारण
रिपोर्ट्स के अनुसार, ग्राम सुद्धोवाला के निवासी लंबे समय से इस शराब की दुकान का विरोध कर रहे थे। स्थानीय महिलाओं, बुजुर्गों और छात्रों के अभिभावकों ने शराब बिक्री से उत्पन्न होने वाली सामाजिक समस्याओं को लेकर कई बार प्रशासन से शिकायत की थी। विरोध कर रहे ग्रामीणों का कहना था कि इस दुकान के कारण क्षेत्र में शांति भंग होने और असुरक्षा की स्थिति बनी रहती है।
इसके अलावा, ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि दुकान का लाइसेंस चकराता रोड के नाम पर लिया गया था, जबकि वास्तविक रूप से दुकान भाउवाला रोड पर संचालित की जा रही थी। इस कथित अनियमितता के चलते स्थानीय लोगों ने इसे नियमों का उल्लंघन करार दिया था।

प्रशासन ने दोनों पक्षों को सुनकर दिया फैसला
जिलाधिकारी ने इस मामले में दोनों पक्षों को सुनने के बाद, स्थानीय अधिसूचना इकाई से प्राप्त रिपोर्ट और अन्य तथ्यों के आधार पर लाइसेंस निरस्त करने का निर्णय लिया। प्रशासन के इस फैसले से विरोध कर रहे ग्रामीणों ने संतोष व्यक्त किया है और इसे जनहित में लिया गया एक सशक्त कदम बताया है।
विधायक भी कर चुके थे हस्तक्षेप
इस मामले में क्षेत्रीय विधायक भी ग्रामीणों के समर्थन में आए थे और उन्होंने डीएम से मिलकर इस शराब दुकान को बंद कराने की मांग की थी। लगातार बढ़ते विरोध और जनभावनाओं को ध्यान में रखते हुए आखिरकार जिलाधिकारी ने शराब की दुकान का लाइसेंस निरस्त कर दिया।
स्थानीय लोगों में खुशी, प्रशासन पर बढ़ा विश्वास
डीएम के इस निर्णय के बाद, सुद्धोवाला के स्थानीय नागरिकों ने राहत की सांस ली है। विरोध प्रदर्शन कर रहे लोग, विशेष रूप से महिलाएं और बुजुर्ग, इस फैसले को न्यायसंगत मान रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यह फैसला उनकी वर्षों की लड़ाई का परिणाम है, जिससे क्षेत्र में शांति और सुरक्षा बनी रहेगी।



