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क्या कस्बों में बढ़ती अव्यवस्था और कानून-व्यवस्था से जुड़े मुद्दों का हल निकलेगा?
यात्रा सीजन में भीड़भाड़, यातायात अव्यवस्था, अवैध गतिविधियों और सुरक्षा से जुड़े मुद्दे हर साल चिंता का विषय बनते हैं। खासकर चारधाम यात्रा के दौरान, जब बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक पहाड़ी क्षेत्रों में पहुंचते हैं, तो ट्रैफिक जाम, अवैध गतिविधियों और सुरक्षा से जुड़े मामले बढ़ जाते हैं। ऐसे में, स्थानीय प्रशासन और पुलिस का समन्वय बेहद जरूरी हो जाता है।
सीएलजी सदस्यों और स्थानीय व्यापारियों के साथ गोष्ठी आयोजित
प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार, 10 फरवरी 2025 को टिहरी गढ़वाल जिले में थाना कैम्पटी और थत्यूड़ में पुलिस द्वारा सीएलजी (Community Liaison Group) सदस्यों, व्यापार मंडल के पदाधिकारियों, टैक्सी यूनियन, होटल व रेस्टोरेंट संचालकों, सम्भ्रांत व्यक्तियों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक आयोजित की गई।
यह बैठक जिले के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के निर्देश पर आयोजित की गई, जिसमें पुलिस ने जनसहयोग को मजबूत करने और चारधाम यात्रा 2025 को सुचारू रूप से संचालित करने पर चर्चा की।

मुख्य मुद्दे जिन पर हुई चर्चा
- चारधाम यात्रा और पर्यटन सीजन में यातायात प्रबंधन
- कस्बों में जाम की समस्या को कम करने के लिए लोगों से निर्धारित पार्किंग स्थलों का उपयोग करने की अपील की गई।
- ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए टैक्सी यूनियन और व्यापार मंडल के सहयोग की आवश्यकता पर जोर दिया गया।
- अवैध गतिविधियों पर रोक
- पुलिस ने जनता से अवैध अफीम की खेती, कच्ची शराब निर्माण और मादक पदार्थों की तस्करी की जानकारी देने की अपील की।
- संदिग्ध बाहरी व्यक्तियों, किरायेदारों और घरेलू नौकरों का सत्यापन सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।
- सुरक्षा और साइबर अपराध जागरूकता
- साइबर फ्रॉड से बचाव के लिए 1930 हेल्पलाइन नंबर की जानकारी दी गई।
- सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग और ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचने के उपायों पर चर्चा की गई।
- महिला और बाल सुरक्षा पर जागरूकता
- महिला अपराध और बाल अपराध से जुड़ी समस्याओं पर प्रकाश डाला गया।
- ‘गौरा शक्ति एप’ के बारे में विस्तार से जानकारी देकर महिलाओं को आत्मसुरक्षा के लिए जागरूक किया गया।
स्थानीय व्यापारियों और पदाधिकारियों का समर्थन
बैठक में मौजूद व्यापार मंडल, होटल और टैक्सी यूनियन के प्रतिनिधियों ने पुलिस को सहयोग देने का आश्वासन दिया और अपने सुझाव भी साझा किए। उन्होंने आगामी पर्यटन सीजन को व्यवस्थित और सुरक्षित बनाने के लिए प्रशासन से बेहतर समन्वय की मांग की।
समाज की भागीदारी से ही समाधान संभव
इस बैठक का मुख्य उद्देश्य जनता और पुलिस के बीच बेहतर संवाद स्थापित करना था। जब प्रशासन और समाज मिलकर कार्य करेंगे, तभी अव्यवस्था और अवैध गतिविधियों पर लगाम लगाई जा सकेगी। अब देखना यह होगा कि इन चर्चाओं का ज़मीनी स्तर पर कितना प्रभाव पड़ता है और आगामी चारधाम यात्रा कितनी सुरक्षित और व्यवस्थित होती है।



