आप को बता दे
सड़क दुर्घटनाओं में वृद्धि की भूमिका दिखाई देखती है। जब युवा खुद पर विकास बाग करते हैं या मोबाइल का प्रयोग करते हुए वाहन चलाते हैं, तो यह सिर्ज़फ मानवारी हो जाती है। इस सिद्धानता को दूर करने और युवाओं को सजगार करने के लिए दून पुलिस ने एक जागरूकता परियोजन चलाया।

सड़क सुरक्षा माह के तहत आवहान
वर्तमान में सम्पूर्ण भारत में सड़क सुरक्षा माह मनाया जा रहा है। इस के दृष्टिगत वर्षीय पुलिस अधिकारियों को युवाओं पर विशेष देते हुए उन्हें यातायात नियमों की जानकारी प्रदान करने और बार करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
यातायात मुद्दों का महत्व
यातायात पुलिस ने प्रचार्य कर युवाओं को सड़क सुरक्षा संबंधी जानकारी दी और उन्हें किस के प्रति जागरूक किया । प्रदान में यातायात निरीक्षक अनिता गैरोला ने EEE (Education, Engineering, Enforcement) के महत्व को समझाया और युवाओं को कहा कि वे अपने माता-पिता को भी यातायात नियमों की जानकारी दें।

वर्तमान में सम्पूर्ण भारत मे मनाए जा रहे 35 वें सड़क सुरक्षा माह के दृष्टिगत वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून द्वारा सभी अधीनस्थ अधिकारियों को युवाओ पर विशेष फोकस करते हुए उन्हें तथा आमजन को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने हेतु नुक्कड़ नाटकों व अन्य माध्यमो से जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिये गए है। जिसके तहत आज दिनांक 10/02/2025 को यातायात पुलिस द्वारा आईटीडीए की टीम के साथ राजकीय इंटर कॉलेज डोभालवाला में सड़क सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम के दौरान पुलिस द्वारा उपस्थित छात्र-छात्राओं को यातायात नियमों तथा सड़क सुरक्षा सम्बन्धी जानकारी प्रदान की गई। कार्यक्रम में यातायात निरीक्षक अनिता गैरोला द्वारा अपने व्याख्यान में EEE (Education, Engineering and Enforcement) के महत्व को समझाया गया, साथ ही उनके द्वारा बताया गया कि बच्चों को भी यातायात नियमों के प्रति आम जन को जागरुक करने के लिए आगे आना होगा, जिसकी शुरुआत उन्हें अपने घर से करनी होगी तथा अपने माता – पिता / अभिभावकों को वाहन चलाते समय यातायात नियमों के प्रति जागरुक रहने के लिए प्रेरित करना होगा।
इस दौरान उपस्थित छात्र छात्राओं को अवगत कराया गया कि युवा अक्सर ओवर स्पीड, मोबाईल फोन का प्रयोग करते हुए वाहन चलाना, तीन सवारी, बिना हेलमेट के वाहन चलाना आदि गतिविधियों के कारण दुर्घटनाओं के शिकार हो रहे है, जो चिंतनीय है, जिस पर जागरुक होना नितान्त आवश्यक है।
जागरुकता कार्यक्रम में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण देहरादून से आये पदाधिकारियों द्वारा उपस्थित छात्र- छात्राओं को 18 वर्ष की आयु पूर्ण होने तथा वैद्य डाईविंग लाईसेंस प्राप्त होने के बाद ही वाहन चलाने तथा नाबालिकों द्वारा वाहन चलाने पर उनके अभिभावकों के विरुद्ध मोटर वाहन अधिनिमय के अन्तर्गत दंडात्मक प्रावधानों की जानकारी दी गयी।
उक्त जागरुकता कार्यक्रम के दौरान उपस्थित छात्र – छात्राओं को यातायात नियमो का पालन करने तथा दूसरों को भी सड़क सुरक्षा के नियमो का पालन करने हेतु जागरूक करने की शपथ दिलायी गयी।उक्त कार्यक्रम के अवसर पर यातायात पुलिस से निरीक्षक यातायात, आईटीडीए की टीम, जीआईसी डोभालवाला के प्रधानाचार्य, उप प्रधानाचार्य, अध्यापकगण तथा 200 छात्र-छात्राएं मौजूद रहे ।



