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देश की रक्षा करने वाले सैनिक और उनके परिवार कई तरह की समस्याओं का सामना करते हैं। पेंशन सत्यापन से लेकर पुनर्वास और स्वास्थ्य सुविधाओं तक, कई ऐसे मुद्दे हैं जिनका समाधान समय पर नहीं होता। खासकर, वीर माताओं और वीरांगनाओं को हर तीन महीने में पेंशन सत्यापन के लिए बैंकों के चक्कर लगाने पड़ते थे, जिससे उन्हें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता था। अब प्रशासन ने इस दिशा में बड़ा कदम उठाया है।
डीएम की अध्यक्षता में बैठक, सैनिकों की समस्याओं पर अहम फैसले
देहरादून में जिलाधिकारी सविन बंसल की अध्यक्षता में जिला सैनिक परिषद की त्रैमासिक बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में पूर्व सैनिकों, उनके आश्रितों और वीरांगनाओं की समस्याओं पर चर्चा हुई। प्रशासन का कहना है कि सरकार सैनिकों के बलिदान को गंभीरता से ले रही है और उनके कल्याण के लिए लगातार फैसले लिए जा रहे हैं।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि सैनिक राज्य की शान हैं और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए प्रशासन पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जो भी समस्याएं जिला स्तर पर हल हो सकती हैं, उनका तुरंत समाधान किया जाएगा, जबकि शासन स्तर पर लंबित मामलों के लिए पत्राचार किया जाएगा।
वीर माताओं और वीरांगनाओं को राहत – अब साल में एक बार होगा पेंशन सत्यापन
बैठक में वीर माताओं और वीरांगनाओं ने तीन महीने में एक बार पेंशन सत्यापन की अनिवार्यता को खत्म करने की मांग रखी। इसे देखते हुए जिलाधिकारी ने तत्काल आदेश जारी कर दिया कि अब पेंशन सत्यापन केवल साल में एक बार ही होगा। यह फैसला उन वृद्ध महिलाओं के लिए बड़ी राहत है, जो बार-बार बैंकों के चक्कर लगाने को मजबूर थीं।
एयरपोर्ट पर सैनिकों के लिए विश्रामगृह का प्रस्ताव
बैठक में एक अन्य अहम मुद्दा एयरपोर्ट पर सैनिकों के लिए विश्रामगृह की मांग से जुड़ा था। सैनिकों ने सुझाव दिया कि एयरपोर्ट पर एक विश्रामगृह की व्यवस्था की जाए, जिससे आने-जाने वाले सैनिकों को सुविधा मिल सके। जिलाधिकारी ने इस प्रस्ताव को संस्तुत करते हुए शासन को पत्राचार करने का आश्वासन दिया।
भूमि फ्रॉड मामले में कार्रवाई, वीरांगना को न्याय दिलाने की पहल
बैठक के दौरान एक वीरांगना के साथ हुए भूमि फ्रॉड का मामला भी सामने आया। इस पर त्वरित कार्रवाई करते हुए जिलाधिकारी ने सैनिक कल्याण अधिकारी को तत्काल वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) के कार्यालय भेजा और इस मामले में कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए। प्रशासन का कहना है कि दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी और वीरांगना को न्याय दिलाया जाएगा।
पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों के लिए कल्याणकारी योजनाएं
बैठक में पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों की पेंशन, चिकित्सा सुविधा, रोजगार, पुनर्वास और अन्य कल्याणकारी योजनाओं से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। जिलाधिकारी ने सभी समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए कहा कि प्रशासन इन मुद्दों को प्राथमिकता से हल करेगा और सैनिकों के हितों की रक्षा के लिए हरसंभव कदम उठाएगा।
प्रशासन की अपील – सैनिकों की समस्याओं के समाधान में दें सहयोग
इस बैठक के जरिए प्रशासन ने पूर्व सैनिकों, वीर माताओं और वीरांगनाओं को भरोसा दिलाया कि उनके कल्याण के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। अधिकारियों ने अपील की कि यदि कोई भी सैनिक या उनके परिवार के सदस्य किसी समस्या का सामना कर रहे हैं, तो वे तुरंत प्रशासन से संपर्क करें ताकि समय पर समाधान हो सके।



