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उत्तराखंड राष्ट्रीय खेलों पर भ्रामक खबर फैलाने वाला गिरफ्तार: सोशल मीडिया पर राज्य की छवि धूमिल करने का आरोप
सोशल मीडिया पर झूठी खबरों का बढ़ता खतरा
आज के डिजिटल युग में सोशल मीडिया सिर्फ संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि अफवाहों के फैलाव का बड़ा स्रोत भी बन चुका है। गलत और भ्रामक खबरें न केवल समाज में भ्रम पैदा करती हैं, बल्कि सरकार और प्रशासन की साख पर भी सवाल खड़े करती हैं। हाल ही में उत्तराखंड में आयोजित 38वें राष्ट्रीय खेलों को लेकर सोशल मीडिया पर फर्जी और भ्रामक खबरें फैलाने का मामला सामने आया है, जिसमें एक व्यक्ति को पुलिस ने गिरफ्तार किया है।
उत्तराखंड राष्ट्रीय खेलों पर फर्जी खबर फैलाने वाला गिरफ्तार
रायपुर पुलिस ने उत्तराखंड में हो रहे 38वें राष्ट्रीय खेलों को लेकर सोशल मीडिया पर झूठी खबर फैलाने के आरोप में अंकुश चौहान नामक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि अंकुश चौहान ने अपने ‘उत्तराखंड वाले’ नामक सोशल मीडिया पोर्टल पर एक पोस्ट साझा की, जिसमें राष्ट्रीय खेलों में फिक्सिंग और भ्रष्टाचार के आरोप लगाए गए थे।
क्या था मामला?
दिनांक 06/02/2025 को महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज, देहरादून के प्रधानाचार्य राजेश ममगाई ने थाना रायपुर में लिखित शिकायत दी। उन्होंने बताया कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर ‘उत्तराखंड वाले’ नामक पोर्टल के संचालक द्वारा 38वें राष्ट्रीय खेलों से जुड़ा एक भ्रामक पोस्ट साझा किया गया, जिसमें खेलों के आयोजन में भ्रष्टाचार और फिक्सिंग का आरोप लगाया गया था। इस पोस्ट में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री की तस्वीर के साथ राष्ट्रीय खेलों के Logo का इस्तेमाल किया गया था, जिससे राज्य की छवि धूमिल होने की आशंका थी।
पुलिस कार्रवाई और गिरफ्तारी
शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए साइबर सेल की मदद से जांच शुरू की। जांच में पता चला कि ‘उत्तराखंड वाले’ सोशल मीडिया पेज को अंकुश चौहान संचालित कर रहा था, जो मूल रूप से ग्राम जणगी, टिहरी गढ़वाल का निवासी है और वर्तमान में गुड़गांव, हरियाणा में रह रहा था। पुलिस टीम ने गुड़गांव में दबिश देकर अभियुक्त को हिरासत में लिया और पूछताछ के लिए देहरादून लाया गया। पूछताछ के दौरान आरोपी ने पुलिस जांच में सहयोग करने से इनकार कर दिया, जिसके बाद उसे धारा 353(2) भारतीय दंड संहिता के तहत गिरफ्तार कर लिया गया।
फर्जी खबरों से होने वाला नुकसान
सोशल मीडिया पर इस तरह की झूठी खबरें लोगों की भावनाओं को भड़काने और सरकार की छवि खराब करने का माध्यम बन रही हैं। इस प्रकार की अफवाहें न केवल खेल आयोजकों और खिलाड़ियों के मनोबल को गिराने का काम करती हैं, बल्कि राज्य के गौरव को भी ठेस पहुंचाती हैं।
आगे की कार्रवाई
पुलिस ने जनता से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर किसी भी खबर को बिना सत्यापन के साझा न करें और भ्रामक पोस्ट की सूचना तुरंत प्रशासन को दें। अभियुक्त पर आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है, और पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है।



