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उत्तरकाशी: नशे की गिरफ्त में युवा , पुलिस ने स्कूटी से चरस तस्करी कर रहे दो युवकों को पकड़ा
क्या देवभूमि नशे के जाल में फंस रही है?
उत्तराखंड, जिसे देवभूमि कहा जाता है, अब धीरे-धीरे नशे के अंधेरे में डूबता जा रहा है। युवाओं में बढ़ती नशे की लत न केवल उनके भविष्य को बर्बाद कर रही है, बल्कि समाज और कानून-व्यवस्था के लिए भी गंभीर चुनौती बनती जा रही है। हाल ही में, पुलिस ने बड़ी मात्रा में अवैध चरस की तस्करी करते हुए दो युवकों को गिरफ्तार किया, जो यह दर्शाता है कि नशे का कारोबार कितनी तेजी से फैल रहा है। इस गिरफ्तारी से यह भी स्पष्ट होता है कि ड्रग्स माफिया अब युवाओं का इस्तेमाल कर नशे की तस्करी को बढ़ावा दे रहे हैं।
मोरी पुलिस की त्वरित कार्रवाई, स्कूटी से हो रही थी चरस की तस्करी
मिली जानकारी के अनुसार, ड्रग्स फ्री देवभूमि मिशन-2025 के तहत उत्तरकाशी पुलिस अवैध नशे के कारोबार पर शिकंजा कस रही है। इसी अभियान के तहत पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में मोरी पुलिस ने चेकिंग अभियान के दौरान मोरी-नेटवाड़ रोड पर दो युवकों को चरस की तस्करी करते हुए पकड़ा। पुलिस ने बताया कि वीरेंद्र थापा और लविश नाम के दो युवक स्कूटी (UK07DY-6797) से अवैध चरस लेकर जा रहे थे।
712 ग्राम चरस बरामद, 1.70 लाख रुपये की कीमत
पुलिस चेकिंग के दौरान जब स्कूटी को रोका गया, तो जांच में उनके पास से 712 ग्राम अवैध चरस बरामद हुई, जिसकी बाजार कीमत करीब 1.70 लाख रुपये बताई जा रही है। इस बड़ी बरामदगी के बाद दोनों युवकों को तुरंत गिरफ्तार कर लिया गया और उनके खिलाफ थाना मोरी में NDPS एक्ट की धारा 8/20/60 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया।
आरोपियों का आपराधिक इतिहास खंगाल रही पुलिस
गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान वीरेंद्र थापा (निवासी क्लेमेंटटाउन, देहरादून) और लविश (निवासी क्लेमेंटटाउन, देहरादून) के रूप में हुई है। पुलिस अब इनके आपराधिक इतिहास की जांच कर रही है, ताकि पता लगाया जा सके कि ये पहली बार पकड़े गए हैं या पहले भी नशे के कारोबार में लिप्त थे।
नशे के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जरूरत
उत्तरकाशी पुलिस लगातार ड्रग्स माफियाओं के खिलाफ अभियान चला रही है, लेकिन यह समाज की भी जिम्मेदारी बनती है कि वे अपने आसपास हो रही नशे की गतिविधियों पर नजर रखें और पुलिस को इसकी जानकारी दें। युवाओं को नशे से बचाने के लिए स्कूलों, कॉलेजों और समाज के हर स्तर पर जागरूकता अभियान चलाने की जरूरत है।



