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आपातकालीन स्वास्थ्य सेवा होगी और मजबूत, 108 एम्बुलेंस की संख्या बढ़ेगी
क्या आपात स्थिति में भी एम्बुलेंस के देर से पहुंचने की समस्या से जूझना पड़े? क्या मरीजों को अस्पताल तक समय पर न पहुंचने के कारण जान गंवानी पड़े? पहाड़ी इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं की यही कड़वी सच्चाई है। गांवों और दुर्गम क्षेत्रों में आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं तक लोगों की पहुंच अभी भी चुनौती बनी हुई है। इसी को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार 108 एम्बुलेंस सेवा को और अधिक प्रभावी और जवाबदेह बनाने की योजना बना रही है।
108 एम्बुलेंस बेड़े में होगी वृद्धि, बैकअप सिस्टम होगा मजबूत
रिपोर्ट्स के अनुसार, स्वास्थ्य सेवा की सबसे अहम कड़ी 108 आपातकालीन एम्बुलेंस सेवा को सुधारने के लिए सरकार व्यापक कदम उठा रही है। प्रत्येक जनपद में एम्बुलेंस की बैकअप व्यवस्था रखी जाएगी, जिससे किसी भी आपात स्थिति में एम्बुलेंस की उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके। इसके लिए 108 एम्बुलेंस के मौजूदा बेड़े में वृद्धि की जाएगी। अभी प्रदेश में कुल 272 एम्बुलेंस कार्यरत हैं, जिन्हें बढ़ाकर 334 किया जाएगा, ताकि विकासखंड स्तर पर भी आपातकालीन चिकित्सा सेवा उपलब्ध हो सके।
मैदानी और पहाड़ी क्षेत्रों के लिए तय होगा अलग रिस्पॉन्स टाइम
जानकारी के अनुसार, एम्बुलेंस के रिस्पॉन्स टाइम में भी बड़ा सुधार किया जाएगा। पहाड़ी क्षेत्रों में एम्बुलेंस का अधिकतम रिस्पॉन्स टाइम 18 से 20 मिनट और मैदानी इलाकों में 15 मिनट तय किया गया है। इसके अलावा, दुर्घटना या गंभीर स्थिति में मरीज को एम्बुलेंस की सटीक लोकेशन की जानकारी दी जाएगी, जिससे समय पर इलाज मिल सके।
लेट लतीफी पर कड़ी पेनाल्टी, मरीजों से दुर्व्यवहार पर होगी सख्त कार्रवाई
रिपोर्ट्स के मुताबिक, 108 एम्बुलेंस सेवा को अधिक जवाबदेह बनाने के लिए तय समय सीमा के भीतर सेवा उपलब्ध न कराने वाले वाहनों पर सख्त कार्रवाई होगी। सेवा प्रदाता पर तीन गुना पेनाल्टी लगाई जाएगी। इसके अलावा, अगर एम्बुलेंस चालक या मेडिकल स्टाफ मरीजों के साथ दुर्व्यवहार करते हैं, तो उनके खिलाफ सख्त प्रशासनिक कदम उठाए जाएंगे। मरीजों की सुविधा के लिए यह भी तय किया गया है कि अस्पताल तक पहुंचने के दौरान रास्ते में एम्बुलेंस नहीं बदली जाएगी, जिससे इलाज में किसी तरह की देरी न हो।
प्रदेशभर में सुधार के निर्देश, स्वास्थ्य मंत्री ने बैठक में दिए अहम आदेश
स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग की बैठक में 108 सेवा को सुधारने के लिए अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए। बैठक में चिकित्सा स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने स्पष्ट किया कि 108 सेवा की साख को दोबारा मजबूत किया जाएगा। इसके लिए नए नियम बनाए जाएंगे और आम जनता को समय पर चिकित्सा सुविधा देने के लिए हरसंभव कदम उठाए जाएंगे।
प्रदेश में कई जगहों पर एम्बुलेंस की कमी देखी जा रही थी, जिसके चलते मरीजों को इलाज मिलने में देरी हो रही थी। अब बैकअप व्यवस्था के तहत प्रत्येक जनपद में अतिरिक्त एम्बुलेंस रखी जाएगी, जिससे आपात स्थिति में लोगों की जान बचाई जा सके। बैठक में प्रभारी महानिदेशक स्वास्थ्य डॉ. सुनीता टम्टा, निदेशक स्वास्थ्य डॉ. मनोज उप्रेती, संयुक्त निदेशक तुहिन कुमार सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।



