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गौकशी की घटनाएं न केवल धार्मिक भावनाओं को आहत करती हैं, बल्कि समाज में तनाव का कारण भी बनती हैं। ऐसी घटनाएं कानून और व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती उत्पन्न करती हैं। देहरादून में हाल ही में गौकशी की घटनाओं से जुड़े अभियुक्तों की गिरफ्तारी के प्रयासों में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है।
देहरादून, 22 जनवरी 2025: पटेलनगर और बसंत विहार क्षेत्र में हुई गौकशी की घटनाओं से संबंधित एक और वांछित अभियुक्त को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार, मुखबिर की सूचना पर बसंत विहार थाना पुलिस ने अभियुक्त अनीस अहमद पुत्र अब्दुल हमीद (55 वर्ष), निवासी तुंटोवाला, पटेलनगर को टी-स्टेट एमएस फार्म के पास से गिरफ्तार किया।
अभियुक्त अनीस अहमद ने पूछताछ में खुलासा किया कि गिरफ्तार अभियुक्त आरिश, मोहम्मद वकील, नदीम, और फरमान ने उसे गौमांस बेचा था। उसने यह भी स्वीकार किया कि हिंदू संगठनों द्वारा विरोध प्रदर्शन के डर से उसने बचे हुए गौमांस को टी-स्टेट में काली पन्नी में छुपा दिया था। पुलिस ने अभियुक्त की निशानदेही पर उक्त गौमांस को बरामद कर लिया है।
गौरतलब है कि 17 और 18 जनवरी की रात को बसंत विहार क्षेत्र में टी-स्टेट और 18 और 19 जनवरी की रात को पटेलनगर क्षेत्र के सूखा तालाब के पास गौकशी की घटनाएं हुई थीं। इन घटनाओं के संबंध में पुलिस ने पहले 20 जनवरी को मुठभेड़ के बाद तीन अभियुक्तों – वकील उर्फ छोटा, आरिश पुत्र कल्लू और नदीम पुत्र नईम को गिरफ्तार किया था। उनकी पूछताछ के दौरान अनीस अहमद और फरमान के नाम सामने आए थे।
अपराधिक इतिहास:
गिरफ्तार अभियुक्त अनीस अहमद पर पहले से भी कई मामले दर्ज हैं, जिनमें उत्तराखंड गौवंश संरक्षण अधिनियम और पशु क्रूरता अधिनियम के तहत मामले शामिल हैं।
पुलिस टीम:
गिरफ्तारी अभियान में शामिल पुलिस अधिकारियों में उप निरीक्षक अशोक कुमार, सहायक उप निरीक्षक विनय प्रसाद भट्ट, कांस्टेबल अव्वल और कांस्टेबल अनिल का नाम शामिल है।



