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ड्रग्स के प्रभाव और नशा तस्करों पर पुलिस की कार्रवाई की रिपोर्ट
ड्रग्स का उपयोग समाज में गंभीर समस्याओं का कारण बनता जा रहा है। यह न केवल युवाओं के स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाता है, बल्कि अपराध और सामाजिक अस्थिरता को भी बढ़ावा देता है। ड्रग्स के कारण परिवार टूट रहे हैं और समाज में हिंसा और अपराध की घटनाएं बढ़ रही हैं। इस समस्या से निपटने के लिए प्रशासन और समाज को मिलकर काम करने की आवश्यकता है।
नशा तस्करों पर दून पुलिस का कड़ा प्रहार जारी है। सपेरा गिरोह के 03 नशा तस्करों (2 पुरुष, 1 महिला) को भारी मात्रा में अवैध मादक पदार्थों के साथ पुलिस ने गिरफ्तार किया है। अभियुक्तों के कब्जे से लाखों रुपये कीमत की 01 किलो 58 ग्राम अवैध चरस बरामद हुई है। गिरफ्तार अभियुक्त पहाड़ी जनपदों से चरस खरीदकर देहरादून में सप्लाई कर रहे थे और नशे के आदि व्यक्तियों को मांग के अनुसार मादक पदार्थों की सप्लाई कर रहे थे।
मुख्यमंत्री उत्तराखंड की “ड्रग्स फ्री देवभूमि 2025” की परिकल्पना को साकार करने के लिए एसएसपी देहरादून के निर्देशन में दून पुलिस द्वारा मादक पदार्थों की तस्करी में लिप्त अभियुक्तों के विरुद्ध लगातार प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में आज दिनांक 19/01/2025 को रायपुर पुलिस को गोपनीय माध्यम से थाना क्षेत्रान्तर्गत सपेरा बस्ती के कुछ परिवारों के विगत कुछ समय से मादक पदार्थों की तस्करी में लिप्त होने तथा उक्त नशा तस्करों के पास काफी मात्रा में अवैध मादक पदार्थ होने की सूचना मिली। प्राप्त सूचना पर पुलिस टीम द्वारा सपेरा बस्ती में एक घर में दबिश दी गई, तो मौके से भारी मात्रा में अवैध चरस के साथ 03 नशा तस्करों (2 पुरुष, 1 महिला) किरन पत्नी राम, विकास सिंह पुत्र कृष्ण सिंह, अर्जुन कुमार पुत्र रमेश कुमार को गिरफ्तार किया गया। अभियुक्तों के कब्जे से पुलिस टीम द्वारा कुल 01 किलो 58 ग्राम चरस (अंतरराष्ट्रीय कीमत 02 लाख रुपये) बरामद की गई। अभियुक्तों के विरुद्ध थाना रायपुर में मु.अ.स. – 17/2025 धारा 8/20/27ए/29/60 NDPS ACT के अंतर्गत अभियोग पंजीकृत किया गया है।
पूछताछ में अभियुक्तों ने बताया कि वे सहस्त्रधारा रोड पर चारधाम जनता गैराज के नाम से मैकेनिक की दुकान चलाते हैं और अभियुक्त अर्जुन की पहचान वाले एक व्यक्ति से गोपेश्वर चमोली से सस्ते दाम में चरस खरीदते हैं। उक्त चरस को मांग के अनुरूप देहरादून में नशे के आदि व्यक्तियों को ऊंचे दामों में बेचकर मुनाफा कमाते हैं। महिलाओं पर कोई आसानी से शक नहीं करता, इसलिए अभियुक्तों द्वारा उक्त महिला किरन को भी मादक पदार्थों की तस्करी में अपने साथ रखा गया था, जो उनके लिए देहरादून में अलग-अलग स्थानों पर चरस सप्लाई का काम करती है।



