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विकास कार्यों में रुकावटें अक्सर प्रशासनिक और भूमि संबंधी विवादों के कारण होती हैं, जिससे आम जनता को असुविधा का सामना करना पड़ता है। राज्य में कई महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाएं लंबित रहती हैं, जो यातायात और कनेक्टिविटी में बाधा उत्पन्न करती हैं। ऐसे में प्रशासन की सक्रियता इन परियोजनाओं को रफ्तार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। देहरादून में भी जिलाधिकारी के हस्तक्षेप से लंबे समय से अटके प्रोजेक्ट्स को गति मिल रही है।

देहरादून, दिनांक 18 जनवरी 2025
जिलाधिकारी सविन बसंल ने प्रेमनगर के समीप निर्माणाधीन राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) परियोजनाओं का निरीक्षण किया। मौके पर मौजूद अधिकारियों से चर्चा के दौरान उन्होंने कार्यों में तेजी लाने और अड़चनों को दूर करने के लिए निर्देश दिए।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, जिलाधिकारी की पहल से लंबे समय से रुकी हुई आशारोड़ी-बल्लूपुर-पौंटा हाईवे परियोजना को गति दी गई है। आशारोड़ी के लिए 40 हेक्टेयर सीएफ (क्षतिपूरक वन भूमि) हस्तांतरित कर निर्माण कार्य शुरू कराया गया। बल्लूपुर-पौंटा हाईवे पर ग्रामीण और एनएच के बीच भूमि विवाद को सुलझाकर पुनः कार्य प्रारंभ कराया गया है।
जिलाधिकारी ने एनएचएआई प्रोजेक्ट के तहत झाझरा तक भूमि अधिग्रहण और उसके एनएचएआई को सौंपने की जानकारी भी साझा की। क्षेत्रीय निवासियों द्वारा अंडरपास की मांग को लेकर उन्होंने अधिकारियों को ग्रामीणों के साथ बैठक कर व्यावहारिक समाधान निकालने के निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त, सुधोवाला से मसूरी बाईपास निर्माण कार्य का निरीक्षण कर मानचित्र का अवलोकन किया और कार्य की प्रगति की समीक्षा की।
जिलाधिकारी की सक्रियता और प्रबंधन शैली से क्षेत्रीय विकास कार्यों में तेजी आई है। उनके त्वरित निर्णयों और विवाद निस्तारण से राज्यहित की परियोजनाओं को नया जीवन मिल रहा है।



