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समाज में मेलों की सांस्कृतिक और आर्थिक महत्ता को देखते हुए सुरक्षा और यातायात व्यवस्था का सही प्रबंधन बेहद आवश्यक हो जाता है। उत्तरायणी मेला कपकोट, जो जनपद बागेश्वर के सबसे प्रमुख आयोजनों में से एक है, हर साल हजारों लोगों को आकर्षित करता है। इस आयोजन में किसी भी अव्यवस्था या दुर्घटना को रोकने के लिए पुलिस प्रशासन द्वारा विशेष दिशा-निर्देश और यातायात योजना बनाई गई है। उत्तरायणी मेले के सफल आयोजन के लिए पुलिस बल की तैनाती और उनके कर्तव्यों को सख्ती से लागू किया जा रहा है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, उत्तरायणी मेला कपकोट के दौरान पुलिस प्रशासन ने विशेष यातायात योजना लागू की है। पुलिस अधीक्षक के आदेश पर, मेले में शांति और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कपकोट थानाध्यक्ष दिनेश पंत द्वारा ब्रीफिंग आयोजित की गई। इस ब्रीफिंग में, मेले में तैनात पुलिस कर्मियों को उनके कार्यक्षेत्र और जिम्मेदारियों के बारे में स्पष्ट निर्देश दिए गए। मेले के दौरान आवश्यक सेवाओं को छोड़कर किसी भी वाहन को जीरो जोन में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी।

यातायात योजना और डायवर्जन
- भारी वाहनों पर रोक: मुनस्यारी, शामा, सौंग, कर्मी और कपकोट क्षेत्र से आने वाले सभी भारी और निजी वाहनों का भराड़ी बाजार में प्रवेश पूर्णतया वर्जित रहेगा। इन वाहनों को निर्धारित पार्किंग स्थलों पर रोका जाएगा।
- प्रवेश और निकास के लिए वैकल्पिक रूट: मुनस्यारी और अन्य क्षेत्रों से आने वाले वाहन रीठाबगड़ पुल और सरयू होटल के माध्यम से बागेश्वर की ओर डायवर्ट किए जाएंगे।
- पार्किंग सुविधा: मेले में भाग लेने वाले मेलार्थी अपने वाहनों को ब्लॉक और केदारेश्वर में स्थित पार्किंग स्थलों पर खड़ा करेंगे।
पुलिस द्वारा सख्त निर्देश
- पुलिस बल को मेले के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही न करने के सख्त निर्देश दिए गए हैं।
- किसी भी समस्या या विवाद की स्थिति में तुरंत उच्चाधिकारियों को सूचित करने को कहा गया है।
- अति आवश्यक सेवाओं के वाहनों को छोड़कर अन्य सभी प्रकार के वाहनों के प्रवेश पर रोक लगाई गई है।
पुलिस प्रशासन ने स्थानीय नागरिकों और मेलार्थियों से अपील की है कि वे यातायात निर्देशों का पालन करें और मेले में शांति और सुरक्षा बनाए रखने में सहयोग करें।



