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देश में भूमाफिया और अवैध गतिविधियों से जुड़ी समस्याएं आम लोगों के जीवन को कठिन बना रही हैं। अवैध गैस गोदामों के संचालन से न केवल कानूनी नियमों का उल्लंघन होता है, बल्कि यह सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा भी है। इसके अलावा, ऐसे मामलों में स्थानीय प्रशासन और संबंधित विभागों की चुप्पी सवाल खड़े करती है। देहरादून जिले में ऐसा ही एक मामला सामने आया, जहां एक 95 वर्षीय वृद्ध महिला ने अपनी भूमि पर कब्जे और अवैध गैस गोदाम संचालन की शिकायत की।

अवैध गैस गोदाम पर प्रशासन की कार्यवाही:
देहरादून जिले के रायपुर क्षेत्र में अवैध रूप से संचालित एक गैस गोदाम पर जिला प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए गोदाम को सील कर दिया। जानकारी के अनुसार, यह गोदाम 2000 से बिना किसी वैध अनुबंध के संचालित हो रहा था। मामले में 95 वर्षीय महिला ने जिलाधिकारी सविन बंसल के समक्ष जनसुनवाई में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी 12 हजार वर्ग फीट भूमि पर गैस गोदाम का अवैध संचालन किया जा रहा है।

महिला के अनुसार, उनके पति ने 1988 में यह भूमि 10 साल की लीज पर दी थी। लीज समाप्त होने के बाद भी किराया देना बंद कर दिया गया और अभिलेखों में हेरफेर कर भूमि को अपने नाम करने का प्रयास किया गया। इस शिकायत के बाद जिलाधिकारी ने अवैध गैस गोदाम का लाइसेंस निरस्त करने और मामले की गहन जांच के निर्देश दिए।
कार्यवाही के मुख्य बिंदु:
- जिलाधिकारी के निर्देश पर पूर्ति विभाग, पुलिस और संबंधित विभागों ने कार्रवाई की।
- रांझावाला रायपुर स्थित गैस गोदाम को सील किया गया।
- विभागीय अधिकारियों को तीन दिनों में अभिलेख प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
- यदि दस्तावेज़ प्रस्तुत नहीं किए गए, तो गैस गोदाम का लाइसेंस निरस्त कर दिया जाएगा।
- जिम्मेदार विभागों और अधिकारियों की भूमिका की भी जांच की जाएगी।
जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों की निष्क्रियता पर भी सवाल उठाए और कहा कि अवैध गतिविधियों पर समय रहते कार्रवाई क्यों नहीं की गई।



