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टिहरी झील के चारों ओर रिंग रोड निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया तेज
देश में पर्यटन और स्थानीय विकास को बढ़ावा देने के लिए आधारभूत संरचनाओं का विकास अत्यंत आवश्यक है। टिहरी झील क्षेत्र में प्रस्तावित रिंग रोड परियोजना इस दिशा में एक बड़ा कदम है। इस परियोजना का उद्देश्य न केवल पर्यटन को बढ़ावा देना है, बल्कि स्थानीय लोगों को बेहतर सड़क सुविधाएं, रोजगार और आर्थिक विकास के नए अवसर प्रदान करना भी है। हालाँकि, ऐसी परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण और अन्य परिसंपत्तियों के आंकलन जैसे कार्य जटिल हो सकते हैं।

रिपोर्ट के अनुसार, जिलाधिकारी टिहरी गढ़वाल मयूर दीक्षित ने टिहरी झील के चारों ओर रिंग रोड निर्माण हेतु भूमि अधिग्रहण और अन्य परिसंपत्तियों का आंकलन शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने सोमवार को जिला कार्यालय में संबंधित विभागों की बैठक में यह बातें कहीं। बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि सभी विभाग सुनिश्चित करें कि प्रभावित परिसंपत्तियों का आंकलन समय पर पूरा हो और मुआवजा वितरण में किसी प्रकार की देरी न हो।
लोनिवि चम्बा के तहत कोटी से डोबरा गांव (विकासखंड थौलधार) की सड़क निर्माण प्रक्रिया की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने अधिशासी अभियंता को निर्देश दिए कि जिन विभागों की परिसंपत्तियां प्रभावित हो रही हैं, उनका आंकलन तुरंत पूरा किया जाए। साथ ही, वन विभाग और उद्यान विभाग से समन्वय कर फलदार वृक्षों का मुआवजा वितरण सुनिश्चित करने के आदेश दिए गए।
बैठक में बताया गया कि सड़क निर्माण का अधिकांश कार्य पूरा हो चुका है और शेष कार्य तीव्र गति से प्रगति पर है। जिलाधिकारी ने मार्च माह तक सभी प्रतिकर और भुगतान से संबंधित कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए।
इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य टिहरी झील क्षेत्र का चहुंमुखी विकास करना है। इसके साथ ही, पर्यटन को बढ़ावा देकर स्थानीय रोजगार के अवसर सृजित करना और सड़क सुविधाओं को बेहतर बनाना इस परियोजना के प्रमुख लक्ष्य हैं।
बैठक में पुनर्वास और भूमि अर्जन से जुड़े कार्यों की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने स्वीकृत धनराशि का उपयोग सुनिश्चित करने और कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए।
बैठक में सीडीओ अभिषेक त्रिपाठी, एडीएम अरविंद कुमार पांडेय, डीएफओ टिहरी पुनीत तोमर, अधीक्षण अभियंता लोनिवि मनोज बिष्ट, ईई जल निगम केएन सेमवाल सहित कई विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।



