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वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पौड़ी लोकेश्वर सिंह के कुशल निर्देशन में साइबर धोखाधड़ी कर गैर प्रान्तों में छुपे एक के बाद एक साइबर ठग आ रहे पौड़ी पुलिस की गिरफ्त में।
पौड़ी पुलिस ने साइबर धोखाधड़ी करने दो शातिर साइबर ठगों को राजस्थान से दबोच कर पहुंचाया सलाखों के पीछे।
साइबर ठग ऑनलाइन गेम खिलाकर तथा छोटे-छोटे टॉस्क देकर ज्यादा मुनाफा दिलाने के नाम पर करते हैं साइबर ठगी।
दिनांक 26.08.2024 को वादी अनुज चौहान निवासी- कोटद्वार द्वारा कोतवाली कोटद्वार पर एक शिकायती प्रार्थना पत्र दिया गया जिसमें उनके द्वारा अंकित किया गया कि किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा ऑनलाइन गेम खिलाने तथा छोटे-छोटे टॉस्क दिलवाने के नाम पर वादी से 1,45,000 रुपये की धनराशि की ऑनलाइन ठगी की गयी है। जिसके सम्बन्ध में कोतवाली कोटद्वार पर मु0अ0सं0-217/24, धारा- 420/120 बी IPC बनाम अज्ञात पंजीकृत किया गया।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पौड़ी लोकेश्वर सिंह द्वारा आमजनमानस के साथ हो रही धोखाधड़ी की घटनाओं को गम्भीरता से लेते हुये अभियोग का सफल निस्तारण करने हेतु पुलिस टीम गठित कर फरार अभियुक्त की शीघ्र गिरफ्तारी करने हेतु निर्देशित किया गया।
निर्गत निर्देशों के क्रम में अपर पुलिस अधीक्षक कोटद्वार चन्द्र मोहन के पर्यवेक्षण, प्रभारी निरीक्षक कोटद्वार रमेश तनवर के नेतृत्व में गठित टीम द्वारा काफी जद्दोजहद करते हुये तमाम कठिनाइयों एवं चुनौतियों को दरकिनार कर वहाँ की बोली भाषा सीखकर और वहीं के परिवेश में ढलकर अथक प्रयासों के फलस्वरूप गठित टीम द्वारा उक्त अभियोग संलिप्त अभियुक्त अशफाक एवं मुस्ताक को जोधपुर, राजस्थान से गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारशुदा अभियुक्तों को माननीय न्यायालय के समक्ष पेश कर जेल भेज दिया गया है।
नाम पता गिरफ्तार अभियुक्त
1. अशफाक पुत्र मांगू खान, निवासी-मदेरणा कॉलोनी, दरगाह चौक, थाना-माता की थान जोधपुर राजस्थान।
2. मुस्ताक अहमद पुत्र एजाज अहमद, निवासी-मदेरणा कॉलोनी, दरगाह चौक, थाना-माता की थान जोधपुर राजस्थान।
पंजीकृत अभियोग
मु0अ0सं0-217/24, धारा- 420/120 बी IPC बनाम अज्ञात
पुलिस टीम
1. उपनिरीक्षक राजविक्रम
2. मुख्य आरक्षी कारण यादव
3. मुख्य आरक्षी हेमन्त
4. आरक्षी अमरजीत- साइबर सेल



