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भिक्षावृत्ति: समाज की बड़ी चुनौती
भिक्षावृत्ति एक ऐसी समस्या है जो न केवल बच्चों के भविष्य को अंधकार में धकेलती है, बल्कि समाज की सामाजिक और आर्थिक संरचना पर भी गहरा प्रभाव डालती है। सड़क पर भीख मांगने वाले बच्चों को अक्सर शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं से वंचित रहना पड़ता है, जिससे वे अपराध और शोषण के चक्रव्यूह में फंस जाते हैं। इस समस्या के समाधान के लिए सरकार और प्रशासन को ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है, ताकि इन बच्चों को मुख्यधारा में लाया जा सके और उन्हें एक बेहतर भविष्य दिया जा सके।
भिक्षावृत्ति उन्मूलन के लिए आधुनिक इनेसेटिव केयर शेल्टर का निर्माण
जनपद देहरादून में जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देशन में भिक्षावृत्ति उन्मूलन अभियान के तहत बच्चों को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। रिपोर्ट के अनुसार, साधु राम इंटर कॉलेज, राजा रोड, देहरादून में आधुनिक इनेसेटिव केयर शेल्टर का निर्माण कार्य तेजी से प्रगति पर है। इस केंद्र में बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए आधुनिक शिक्षा प्रणाली और अन्य रचनात्मक गतिविधियों की सुविधाएं प्रदान की जाएंगी।

इस अभियान के तहत भिक्षावृत्ति में संलिप्त बच्चों को रेस्क्यू कर उनके पुनर्वास के लिए कानूनी औपचारिकताएं पूरी की जाएंगी। रेस्क्यू किए गए बच्चों को शेल्टर में रहने, खाने, और खेल-कूद की सुविधाओं के साथ-साथ विशेषज्ञों द्वारा उनके मानसिक और शैक्षिक विकास के लिए प्रशिक्षण दिया जाएगा।
रेस्क्यू ऑपरेशन और विशेष वाहन सेवा
शहर में भिक्षावृत्ति से जुड़े बच्चों को खोजने और रेस्क्यू करने के लिए दो विशेष वाहन खरीदे गए हैं, जिनका ट्रायल अभियान वर्तमान में जारी है। रिपोर्ट के अनुसार, ट्रायल के दौरान 12 से अधिक बच्चों को विभिन्न स्थानों से रेस्क्यू कर चाइल्ड वेलफेयर कमेटी (CWC) को प्रस्तुत किया गया है। इस अभियान का औपचारिक शुभारंभ मुख्यमंत्री द्वारा जल्द ही किया जाएगा।
जिलाधिकारी की सतत निगरानी
जिलाधिकारी बंसल प्रतिदिन साधु राम इंटर कॉलेज में बन रहे इनेसेटिव केयर शेल्टर के निर्माण कार्य की प्रगति की जानकारी ले रहे हैं। इस शेल्टर का उद्देश्य न केवल बच्चों को सुरक्षित आश्रय प्रदान करना है, बल्कि उन्हें शिक्षा और खेल गतिविधियों के माध्यम से मुख्यधारा में शामिल करना भी है।



