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देहरादून: महिला सशक्तिकरण और स्थानीय उत्पादों के विपणन को बढ़ावा देने की दिशा में बड़ा कदम
आज के दौर में रोजगार और आजीविका के नए अवसर पैदा करना एक बड़ी चुनौती है, खासकर महिलाओं के लिए। स्थानीय उत्पादों को बाजार तक पहुंचाना और उन्हें सही प्लेटफॉर्म देना न केवल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त करता है, बल्कि महिला स्वंय सहायता समूहों को आत्मनिर्भर बनने का अवसर भी प्रदान करता है। इस दिशा में देहरादून जिला प्रशासन द्वारा एक नई पहल शुरू की गई है।
आधुनिक आउटलेट और कैफे की योजना
जानकारी के अनुसार, जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देशन में जनपद देहरादून में आधुनिक आउटलेट/कैफे/रेस्टोरेंट खोलने की योजना पर तेजी से कार्य किया जा रहा है। इन आउटलेट्स के माध्यम से महिला स्वंय सहायता समूहों को रोजगार और उनके उत्पादों को विपणन के लिए एक उपयुक्त मंच प्रदान किया जाएगा। जिलाधिकारी ने इस योजना की जानकारी 22 नवंबर 2024 को आयोजित प्रजेंटेशन कार्यक्रम में दी थी। इसके तहत निर्माण कार्य के लिए टेंडर जारी कर दिए गए हैं।
प्रारंभिक चरण में चार स्थानों पर कार्य आरंभ
शुरुआती चरण में चार स्थानों – कचहरी परिसर, सुद्धोवाला (पंचायत घर के निकट), कोरोनेशन अस्पताल, और गुच्चुपानी – में आउटलेट खोले जाने की तैयारी की जा रही है। इन स्थानों का चयन जनसुविधा और पर्यटन के दृष्टिकोण से किया गया है। इन आउटलेट्स में न केवल पौष्टिक और ऑर्गेनिक खाद्य पदार्थ मिलेंगे, बल्कि स्थानीय पहाड़ी व्यंजन और उत्पाद भी उपलब्ध होंगे।
महिलाओं के लिए रोजगार और बाजार
प्रत्येक आउटलेट में करीब 25 महिलाओं को रोजगार मिलने की संभावना है। कोरोनेशन अस्पताल और कचहरी परिसर में बनने वाले आउटलेट्स से आने वाले तीमारदारों और जनमानस को सुविधा मिलेगी। वहीं, गुच्चुपानी जैसे पर्यटन स्थल पर खोले जाने वाले आउटलेट्स से पर्यटकों को स्थानीय पहाड़ी व्यंजन और उत्पाद मिल सकेंगे।
स्वंय सहायता समूहों की सशक्तिकरण पहल
बताया जा रहा है कि इस योजना को राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) के तहत स्वंय सहायता समूहों की आजीविका बढ़ाने के उद्देश्य से शुरू किया गया है। यह कदम न केवल महिलाओं की आर्थिक स्थिति को सशक्त करेगा, बल्कि राज्य के स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचाने का मार्ग भी प्रशस्त करेगा।



