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गौकशी और अवैध पशु कटान: समाज पर गहरा प्रभाव
गौकशी और अवैध पशु कटान न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि यह सामाजिक और धार्मिक भावनाओं को भी ठेस पहुंचाता है। इस प्रकार की घटनाएं न केवल पशु क्रूरता को बढ़ावा देती हैं, बल्कि स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए भी गंभीर खतरा उत्पन्न करती हैं। अवैध पशु कटान से खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन होता है, जो लोगों के स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है। साथ ही, यह गतिविधि स्थानीय शांति और सद्भाव को भी प्रभावित करती है, जिससे समाज में तनाव और अशांति फैल सकती है।
गौकशी मामले में अभियुक्त गिरफ्तार
प्राप्त जानकारी के अनुसार, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून द्वारा अवैध रूप से पशुओं का कटान और गौकशी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे। इन निर्देशों के तहत रायपुर थाना क्षेत्र की पुलिस ने इलमचंद वाली गली में एक छापेमारी की।
इस कार्रवाई में पुलिस ने एक अभियुक्त, कलीम पुत्र अनीस, निवासी शक्ति विहार, रायपुर रोड, देहरादून को गिरफ्तार किया। आरोपी के कब्जे से 140 किलो गौमांस, कटान में प्रयुक्त 02 चापड़ (बड़े चाकू) और 01 कुल्हाड़ी बरामद की गई। मौके पर बुलाए गए पशु चिकित्सक ने बरामद मांस की जांच की, जिसे गौमांस पाया गया।
अभियोग दर्ज
मामले के संबंध में अभियुक्त के खिलाफ उत्तराखंड गौवंश संरक्षण अधिनियम के तहत अभियोग पंजीकृत किया गया है। पुलिस ने इस मामले में कानून के अनुसार आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है।
गिरफ्तार अभियुक्त का विवरण
- नाम: कलीम पुत्र अनीस
- पता: 31, रायपुर रोड, शक्ति विहार, थाना रायपुर, देहरादून
- उम्र: 32 वर्ष
बरामदगी की सूची
- 140 किलो गौमांस
- 02 चापड़ (बड़े चाकू)
- 01 कुल्हाड़ी
पुलिस टीम का विवरण
- उप-निरीक्षक दीपक गैरोला
- उप-निरीक्षक ज्योति प्रसाद उनियाल
- कांस्टेबल संकेश शुक्ला
- कांस्टेबल प्रदीप नेगी
- कांस्टेबल मनोज कुमार
पुलिस का बयान
पुलिस का कहना है कि ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। समाज में शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए अवैध गतिविधियों पर कठोर कदम उठाए जा रहे हैं।



